रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के सुकना में त्रिशक्ति कोर की सैन्य तैयारियों और ऑपरेशनल क्षमता की विस्तृत समीक्षा की. इस दौरान उन्हें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के आसपास चल रहे विकास कार्यों और अग्रिम इलाकों में तैनात आधुनिक सैन्य संसाधनों की जानकारी दी गई. रक्षा मंत्री ने सेना की तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बदलते समय में नई तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल बेहद जरूरी है.
सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों की सराहना
समीक्षा बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने सीमा से जुड़े इलाकों में किए जा रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि सेना केवल सुरक्षा की जिम्मेदारी ही नहीं निभा रही बल्कि सीमावर्ती समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है. ऐसे प्रयासों से स्थानीय लोगों और सेना के बीच विश्वास मजबूत होता है तथा राष्ट्र निर्माण को भी गति मिलती है.
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ की बैठक
इस मौके पर थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन और 33 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल मन राज सिंह मान समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने रक्षा मंत्री को सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की रणनीतियों से अवगत कराया.
सैनिकों के साथ मनाई दिवाली
दिवाली की पूर्व संध्या पर रक्षा मंत्री ने सैनिकों के साथ बाराखाना कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों के साहस, अनुशासन और समर्पण की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि सैनिकों की सतर्कता और हर समय तैयार रहने की भावना देश की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है.
पूर्वी भारत की सुरक्षा का अहम केंद्र है सुकना
राजनाथ सिंह ने कहा कि सुकना सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है. यहां से अग्रिम चौकियों तक हथियार, भोजन, चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक संसाधन पहुंचाए जाते हैं. इसकी संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां चौबीसों घंटे उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखना जरूरी है.
ड्रोन और साइबर चुनौतियों पर विशेष ध्यान
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सीमावर्ती सड़कों, सुरंगों और रक्षा ढांचे के विकास पर लगातार निवेश बढ़ा रही है. उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय उद्योग और स्टार्टअप अब सेना के लिए ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और अन्य आधुनिक उपकरण तैयार कर रहे हैं. उन्होंने सैनिकों को ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा और हाइब्रिड वॉरफेयर जैसी नई चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का संदेश भी दिया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं