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बंगाल चुनाव के बाद क्या बोले लेफ्ट नेता, वाम दलों को रिजल्ट में क्या मिला?

पश्चिम बंगाल के 2026 चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. दशकों पुराने राजनीतिक समीकरणों को ध्वस्त करते हुए बीजेपी पहली बार राज्य की सत्ता पर काबिज होने में सफल रही. यह जीत असम और पुडुचेरी में एनडीए की सत्ता बरकरार रहने के साथ आई है.

बंगाल चुनाव के बाद क्या बोले लेफ्ट नेता, वाम दलों को रिजल्ट में क्या मिला?
बंगाल चुनाव के बाद क्या बोले लेफ्ट नेता
IANS

पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को जब विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान खत्म हुआ तो शायद ही किसी को 04 मई के ऐतिहासिक चुनाव परिणाम का अंदाजा रहा होगा. सोमवार को घोषित बंगाल चुनाव परिणाम में बीजेपी ने बड़ी जीत के साथ इतिहास दर्ज कर दिया है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद बंगाल के इतिहास में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है. बंगाल चुनाव में बीजेपी 200 से ज्यादा सीटें जीतती दिखाई दे रही है. अब तक घोषित 204 सीटों के परिणाम में से बीजेपी को 146 सीटों पर जीत मिल चुकी है, जबकि 62 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. बंगाल में जहां बीजेपी की यह ऐतिहासिक जीत है तो वहीं टीएमसी का किला पूरी तरह से धराशायी हो गया है, जबकि 3 दशक से ज्यादा समय तक बंगाल में राज करने वाले लेफ्ट का अब तक का सबसे निराशाजनक प्रदर्शन रहा है. 

लेफ्ट का बंगाल में कैसा प्रदर्शन?

CPI (M) ने बंगाल में AISF और CPI (ML)के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन जब सोमवार को चुनाव परिणाम घोषित हुए तो सीपीआई गठबंधन को मात्र 2 सीटें मिलीं. वहीं, सीपीआई (एम) के मुस्तफिजुर रहमान डोमकल सीट जीतने में कामयाब रहे, जबकि AISF के मोहम्मद नौशाद सिद्दीकी ने भांगड़ में जीत दर्ज की है. रात 9 बजे तक जारी 2026 के चुनाव परिणाम में CPI को को 0.16 फीसदी के साथ कुल 99223 वोट, CPI (M) को 4.45 फीसदी के साथ 2796301 वोट और CPI (ML) को 0.07 प्रतिशत के साथ 46399 वोट मिला है.

डी राजा ने चुनाव परिणाम पर क्या कहा?

बंगाल समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव परिणाम पर CPI के महासचिव डी. राजा ने कहा कि हमारी पार्टी इस जनादेश के कारणों का विश्लेषण करेगी. असम में BJP फिर से सरकार बनाने जा रही है और पश्चिम बंगाल में पहली बार. पुडुचेरी में भी BJP बढ़त की बढ़त है. केरल में मुकाबला LDF और UDF के बीच है. तमिलनाडु में रुझान एक अलग ही तस्वीर दिखा रहे हैं. डी राजा ने आगे कहा कि धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक पार्टियों को इन चुनावों और लोगों द्वारा दिए गए जनादेश से सही सबक सीखना चाहिए. "

पोलित ब्यूरो ने जारी किया बयान

वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पोलित ब्यूरो ने बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी की जीत पर कहा कि दक्षिणपंथी सांप्रदायिक ताकतों के बढ़ते वर्चस्व को दर्शाते हैं, जो सभी धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और लोकतांत्रिक ताकतों के लिए गहरी चिंता का विषय है. केरल में लगातार 10 वर्षों के शासन के बाद LDF को हार का सामना करना पड़ा.  इस दौरान उसने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई वित्तीय बाधाओं के बावजूद, लोगों के कल्याण और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया था.

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Photo Credit: IANS

वहीं, बंगाल चुनाव परिणाम को लेकर पोलित ब्यूरो ने कहा कि बंगाल में BJP को कई कारणों से लाभ मिला है, भ्रष्ट TMC सरकार के खिलाफ़ मज़बूत सत्ता-विरोधी लहर (anti-incumbency) शामिल है. बीजेपी का सांप्रदायिक, विभाजनकारी और ज़हरीला नफ़रत भरा कैंपेन, चुनाव में खर्च की गई भारी भरकम रकम, और चुनाव आयोग समेत कई केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग और SIR जीत की वजह बना है. ऐसी ध्रुवीकृत स्थिति में भी वाम मोर्चा अपने प्रदर्शन में मामूली सुधार करने में सफल रहा. बयान में कहा गया कि पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति की आगामी बैठकों में चुनाव परिणामों से बनी नई राजनीतिक स्थिति के चलते चुनौतियों का सामना करने के लिए एक व्यापक विश्लेषण किया जाएगा और एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी. 

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