विज्ञापन

'बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी'-2025 में एक नेता ने कहा था तो मैं हंसी, लेकिन ग्राउंड पर गई तो यकीन हुआ

एक-एक सीट… फिर दर्जनों… और आखिरकार आंकड़ा बहुमत के पार. भाजपा ने पहली बार पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत दर्ज की और सत्ता की चाबी अपने हाथ में ले ली. पढ़िए पूरी रिपोर्ट...

'बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी'-2025 में एक नेता ने कहा था तो मैं हंसी, लेकिन ग्राउंड पर गई तो यकीन हुआ
बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत
  • मई 2026 में पहली बार भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाकर राजनीतिक इतिहास रचा और मुख्यमंत्री पद प्राप्त किया.
  • 2022 से भाजपा ने गांव-गांव बूथ स्तर पर संगठन मजबूत कर पश्चिम बंगाल में लगातार काम किया और आत्मविश्वास बढ़ाया.
  • नरेंद्र कप जैसे खेल आधारित कार्यक्रम और गीता पाठ जैसे आयोजन हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने में प्रभावी साबित हुए

सितंबर 2025 की वह शाम अभी भी याद है. भूपेंद्र यादव से मुलाकात हुई थी. मैंने उनसे सीधा सवाल पूछा- "क्या आपको सच में यकीन है कि आप बंगाल जीतेंगे?" उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था-"Manogya, आप मुझ पर भरोसा रखिए. इस बार हम पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएंगे." उस वक्त मुझे हंसी आई थी. पर मई 2026 में जब नतीजे आए, तो हंसी की जगह इतिहास ने ले ली. "पहली बार भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में आई. पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री शपथ लेगा. यह सिर्फ चुनाव जीत नहीं — यह एक युग का बदलाव है."
 

वह नींव जो 2021 में हिल गई थी

2021 के चुनाव के बाद भाजपा के लिए बंगाल एक खुले ज़ख्म की तरह था, जो कार्यकर्ता भाजपा के लिए दिन-रात लड़े थे, उन्हें हार के बाद अपने घर छोड़ने पड़े. कुछ पर हमले हुए. कुछ को जान का खतरा था. उस दर्द ने कार्यकर्ताओं का हौसला तोड़ दिया था. जो बूथ अध्यक्ष था, उसे खुद यकीन नहीं था कि उसे दस वोट भी मिल पाएंगे. यही भाजपा की सबसे बड़ी चुनौती थी . संगठन नहीं, आत्मविश्वास. लेकिन नेता डिगे नहीं. हर मुलाकात में एक ही जवाब मिलता था -"हम सरकार बनाएंगे."

2022 से शुरू हुई लड़ाई

सितंबर नहीं, बल्कि 2022 से ही भाजपा की टीमें गांव-गांव पहुंचने लगी थीं. चुपचाप. बिना शोर के. बिना बड़ी रैलियों के, जहां नींव पहले से थी- उसे मजबूत किया. जहां नहीं थी-वहां बनाई. हर बूथ पर. हर टोले में.  भाजपा ने सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल का प्रभार दिया और उसके बाद बंगाल के प्रति भाजपा की नज़र और प्रतिबद्धता दोनों बदल गई थी. भाजपा की सूक्ष्म योजना इतनी पक्की थी कि उन्हें पता था- किस महीने में चुनाव का रुख बदलेगा. किस तारीख को जनता की नब्ज पलटेगी. और किस दिन सत्ता की चाबी उनके हाथ में होगी. "टीएमसी को ज़मीन हिलती नज़र नहीं आई. भाजपा अर्जुन की तरह सिर्फ मछली की आंख देख रही थी — एक-एक वोटर."

नरेंद्र कप से शुरू हुई खेल की राजनीति

कोलकाता को भारत की खेल राजधानी कहा जाता है. भाजपा ने यही रास्ता चुना. क्लबों में "नरेंद्र कप" का आयोजन हुआ. फुटबॉल, क्रिकेट के बैट और बॉल. हर क्लब तक पहुंचाई गईं. नतीजा जिन क्लबों में भाजपा की एंट्री तक नहीं थी, वहां भी मोदी की चर्चा शुरू हो गई. राजनीति खेल के मैदान से निकलकर घर-घर पहुंच गई.

  
जनवरी 2026- ब्रिगेड रैली और गीता पाठ

जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिगेड रैली हुई. साथ में गीता पाठ का आयोजन किया गया. यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं था. यह उन हिंदू मतदाताओं को संदेश था जो सालों से चुप थे. जो हिंदुत्व की बात खुलकर नहीं कर पाते थे. गीता पाठ ने उन्हें ज़बान दी. आर.जी. कर अस्पताल की घटना पहले से दिलों में थी. अब वह आवाज़ और तेज़ हो गई.

बाबरी मस्जिद... वह धागा जो टूटा

और फिर आई वह खबर जिसने सब कुछ पलट दिया. हुमायूं कबीर ने ऐलान किया कि पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाई जाएगी. बंगाल में हिंदू-मुस्लिम की बात खुलकर नहीं होती थी. पर इस ऐलान ने वह धागा तोड़ दिया जो सालों से बंधा था. आवाज नहीं आई, पर सुनाई दी. कोई बोला नहीं, पर कहा गया. भाजपा जानती थी- यह धागा कितना खींचना है. इसे कब छोड़ना है. और यही उनकी राजनीति की असली ताकत थी. "बंगाल में जो दिखा नहीं, वह भाजपा ने देख लिया. जो सुनाई नहीं दिया, वह भाजपा ने सुन लिया."
  
294 आरोप-पत्र- TMC का हिसाब

भाजपा ने एक अनोखी रणनीति अपनाई. 294 विधानसभा सीटों पर- एक-एक सीट पर- TMC सरकार की नाकामियों का आरोप-पत्र जारी किया गया. किसी का नाम नहीं लिया. कोई व्यक्तिगत हमला नहीं. सिर्फ काम का हिसाब. प्रशासन का हिसाब और यही भाजपा की सबसे बड़ी चाल थी. TMC ने ममता के नाम पर जवाब दिया. भाजपा जनता के मुद्दों पर खड़ी रही.
  
अमित शाह का वादा-'15 दिन बंगाल में रहूंगा' 

जब गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- "मैं 15 दिन बंगाल में रहूंगा" तो कार्यकर्ताओं में जो ऊर्जा आई, वह शब्दों में नहीं बताई जा सकती. यह सिर्फ एक नेता का दौरा नहीं था. यह भरोसे की वापसी थी. यह संदेश था- "हम तुम्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे." और कार्यकर्ता, जो 2021 के बाद से डरे हुए थे. फिर से खड़े हो गए.

23 अप्रैल... वह दिन जब इतिहास ने करवट ली

23 अप्रैल 2026 को उत्तर बंगाल में चुनाव हुए. और इतिहास में पहली बार बंगाल में चुनाव बिना हिंसा के संपन्न हुए. यह वही बात थी जो सितंबर 2025 में कही गई थी. मुझे तब यकीन नहीं हुआ था. 2019 में, 2009 में, 2021 में एक पत्रकार के तौर पर मेरी खुद पिटाई हुई थी. किसी को नहीं बख्शा गया था. पर इस बार बंगाल की तस्वीर बदली हुई थी.  "बंगाल में चुनाव बिना हिंसा के हुए- यह सिर्फ एक घटना नहीं. यह राजनीति का नया अध्याय है."
  
वो जीत जो सिर्फ आंकड़ों की नहीं थी

4 मई 2026 को नतीजे आए. भाजपा ने 207 सीटें जीतीं. TMC 80 पर सिमट गई. पर यह जीत सिर्फ सीटों की गिनती नहीं थी. यह जीत थी उन कार्यकर्ताओं की जो 2021 में घर छोड़कर भागे थे. यह जीत थी उन महिलाओं की जो RG कर की रात के बाद से न्याय मांग रही थीं. यह जीत थी उन हिंदू मतदाताओं की जो सालों से चुप थे. यह जीत थी उस भरोसे की, जो 2021 में टूट गया था, और 2026 में फिर बना.


भाजपा की जीत के पांच बड़े कारण

▸  2022 से ही गांव-गांव बूथ स्तर पर संगठन निर्माण
▸  नरेंद्र कप जैसे grassroots campaigns से युवाओं तक पहुंच
▸  गीता पाठ और ब्रिगेड रैली से हिंदू मतदाताओं को एकजुट किया
▸  294 आरोप-पत्र — TMC की नाकामियों का व्यवस्थित हिसाब
▸  हिंसा मुक्त चुनाव — भरोसे की सबसे बड़ी जीत


TMC की सबसे बड़ी चूक-खुद को जीता हुआ मान लिया

तृणमूल कांग्रेस को अपने खिलाफ कोई सत्ता-विरोधी लहर नजर नहीं आई. उन्हें लगा प्रशासन और शासन के बल पर वे फिर जीत जाएंगी. यही उनकी सबसे बड़ी गलती थी. जो ज़मीन नीचे से हिल रही थी, उसे उन्होंने महसूस नहीं किया. जो आवाज़ें उठ रही थीं, उन्हें उन्होंने अनसुना किया. और भाजपा ने ठीक वही किया जो TMC ने नहीं किया- सुना. समझा. और जोड़ा.

मैंने इस चुनाव को बहुत करीब से देखा. TMC से मिली भाजपा से मिली. आम मतदाताओं से मिली. और एक बात समझी- इस चुनाव में भाजपा ने सिर्फ वोट नहीं जीते. उन्होंने लोगों का भरोसा जीता. सितंबर 2025 में हुगली के किनारे जो बात कही गई थी, मनोज्ञा आप भरोसा रखिए बंगाल में सरकार हम बनायेंगे. उन्होंने जो कहा था वो करके दिखा दिया था.

लेखक के बारे में
img
मनोज्ञा लोईवाल
Anchor and Senior Editor NDTV
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Mamata Banerjee Vs BJP Bengal 2026, West Bengal Election Results 2026, BJP Victory In Bengal 2026, Bengal Political Shift 2026, Suvendu Adhikari CM Bengal, BJP First Government In West Bengal
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com