लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में RSS की विचारधारा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पुरुषों का ऐसा समूह है जो संविधान के खिलाफ है और महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है.
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'RSS पुरुषों का एक ऐसा समूह है जो संविधान के खिलाफ है और मानता है कि औरतें पुरुषों की संपत्ति हैं. मैं शिव-शक्ति में विश्वास रखता हूं. इसीलिए उनसे लड़कर मुझे बहुत खुशी मिलती है. सबसे अच्छी बात यह है कि उनकी अपनी ही कई महिलाएं मेरे साथ हैं.'
The RSS is an al male anti-constitutional cult that believes women are the property of men. I believe in Shiva-Shakti. That's why it gives me such joy to fight them. What's beautiful is that many of their “own” women are on my side.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 20, 2026
राहुल गांधी का यह बयान उस दिन आया है जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के वार्षिक विजयादशमी उत्सव को संबोधित किया. भागवत ने अपने संबोधन में आगाह किया कि सत्ता परिवर्तन के आंदोलन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं करते और ये राजनीतिक स्वार्थों का औजार बनकर समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं.
अस्तित्व के बारे में भारत की पारंपरिक समझ को समझाते हुए, भागवत ने कहा कि विविधता स्वाभाविक थी और लगातार बदल रही थी, लेकिन सभी अस्तित्व की अंदरूनी एकता हमेशा बनी रही. हमारी परंपरा हमें बताती है कि दुनिया में अलग-अलग तरह की चीजें होती हैं, जो पूरी तरह से प्राकृतिक हैं. यह प्राकृतिक होने के साथ-साथ हमेशा बदलती भी रहती हैं. जैसे यह प्राकृतिक और गतिशील है, वैसे ही सभी चीजों की सबसे बड़ी एकता का सत्य पक्का, अटल और हमेशा रहने वाला है. भगवान ने इंसानों को बुद्धि और विवेक का तोहफा दिया है. अपने विचारों को शुद्ध करके, अगर कोई इंसान अपने अंदर इस सच को समझ ले और इसे दुनिया में दिखाई देता हुआ देखे, और इसके हिसाब से अपनी जिंदगी जिए, तो सिर्फ इसी से उसे हमेशा रहने वाली खुशी मिलती है.
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