लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने UPI के लिए लागू मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी यह UPI टैक्स वापस लें. इस चार्ज को लेकर विपक्ष के अन्य कई नेता भी सरकार पर निशाना साध रहे हैं. राहुल गांधी ने UPI के नए चार्ज को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज जारी किया.
'सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोला'
इससे पहले राहुल गांधी ने इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा था. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, 'मोदी सरकार ने चुपचाप यूपीआई पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है. अब 2,000 रुपए से ऊपर के मर्चेंट यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर लगाया जा सकता है.'
राहुल गांधी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ 5 प्रतिशत हो, लेकिन यूपीआई के कुल ट्रांजैक्शन वैक्यू का करीब 65 प्रतिशत इन्हीं में है. सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन सवाल उठता है कि दुकानदार पर लगने वाली फीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से ही वसूली होगी.
केसी वेणुगोपाल ने भी साधा निशाना
इसके अलावा कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "आम नागरिक को क्यों परेशान किया जा रहा है? एमडीआर का बोझ उन लोगों पर क्यों डाला जा रहा है जो अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं, जबकि इसका खर्च बड़ी-बड़ी वित्तीय कंपनियों को उठाना चाहिए?"
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