- वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने पीएम नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए
- दोनों ने बोधगया में साझा आध्यात्मिक विरासत को उजागर करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया
- भारत और वियतनाम के बीच व्यापार पिछले दशक में दोगुना होकर सोलह अरब डॉलर तक पहुंच चुका है
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम भारत दौरे पर आए हैं. बुधवार को तो लाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह मुलाकात हैदराबाद हाउस में हुई. इस दौरान कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुई. इसके बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने इन समझौतों की अहमियत बताई. पीएम मोदी ने तो लाम का स्वागत करते हुए कहा, 'राष्ट्रपति का भारत में स्वागत है. वियतनाम के राष्ट्रपति बनने के बाद इनका उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और बिजनेस लीडर्स के साथ आना ये दिखाता है कि वो हमें कितनी प्राथमिकता देते हैं.'
बोधगया से दोनों देशों के साझा संबंधों पर प्रकाश डालते हुए आगे कहा, 'इन्होंने भारत की यात्रा की शुरूआत बोधगया से की थी. यह हमारे दोनों देशों की आध्यात्मिक परंपराओं को दर्शाता है. हम अपने संबंधों को ठोस परिणामों में बदल रहे हैं. भारत और वियतनाम की साझेदारी में विरासत और विकास का महत्व है. पिछले वर्ष जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए तो उनके दर्शन 1.5 करोड़ से अधिक लोगों ने किए थे, जो वियतनाम की कुल जनसंख्या का 15 फीसदी है.'
उन्होंने आगे कहा, हमारी साझा विरासत को जीवंत रखने के लिए, 'हम वियतनाम के प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का जीर्णोद्धार कर रहे हैं. अब हम चम्पा सभ्यता की पांडुलिपियों को भी डिजिटिलाइज करेंगे, और इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेंगे.'
यह भी पढ़ेंः डोनाल्ड ट्रंप ने विधानसभा चुनावों में जीत पर पीएम मोदी को दी बधाई
भारत-वियतनाम में कारोबार बढ़ाने पर जोर
पीएम मोदी और तो लाम के बीच द्विपक्षीय मुलाकात में दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.
प्रधानमंत्री मोदी ने मजबूत होते ट्रेड संबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'हर क्षेत्र में हमारा सहयोग नए स्तर तक पहुंचेगा. भारत और वियतनाम का द्विपक्षीय व्यापार पिछले 1 दशक में दोगुना होकर 16 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है. 2030 तक इसे 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.'
उन्होंने कहा कि वियतनाम बहुत जल्द भारत के अंगूर और अनार का स्वाद लेगा. हमें बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी लगातार बढ़ रही है.

कई अहम क्षेत्रों में बनी सहमति
दोनों देशों के बीच कई अहम क्षेत्रों में बनी सहमति को लेकर पीएम मोदी ने कहा, 'हमारी ड्रग अथॉरिटिज के बीच एमओयू से अब भारत की दवाइयों का वियतनाम में एक्सेस बढ़ेगा. भारत के कृषि, मत्स्य और पशु उत्पाद का भी, वियतनाम तक निर्यात और सुगम होने जा रहा है.'
एक्ट ईस्ट पॉलिसी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, 'वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और विजन महासागर का एक मुख्य स्तंभ है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी हमारी समझ एक सी है. हम अपनी सुदृढ़ होती हुई रक्षा और सुरक्षा सहयोग से, कानून के राज, शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति योगदान देते रहेंगे. वियतनाम के सहयोग से भारत, आसियान के साथ अपने संबंधों को भी और व्यापक बनाएगा.'
यह भी पढ़ेंः पश्चिम बंगाल में बदलेगा पावर सेंटर, 'नबन्ना' की जगह 'राइटर्स बिल्डिंग' से चलेगी सरकार; BJP का प्लान क्या है?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं