- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी ब्रज यात्रा के अंतिम दिन गोवर्धन पर्वत की सप्तकोसीय परिक्रमा करेंगी
- राष्ट्रपति ने वृंदावन के श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की
- इससे पहले राष्ट्रपति ने अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्री राम यंत्र की स्थापना की
यूपी की अपनी तीन दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा के अंतिम दिन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज आस्था और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आएंगी. अयोध्या में रामलला के दर्शन और वृंदावन में संतों के सान्निध्य के बाद, राष्ट्रपति आज अपनी यात्रा का समापन गोवर्धन पर्वत की सप्तकोसीय परिक्रमा और दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ करेंगी. ब्रज की पावन रज को नमन करने और गिरराज महाराज का आशीर्वाद लेने के बाद, वे सीधे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी. कल राष्ट्रपति ने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से भी मुलाकात की थी.
आज गोवर्धन की परिक्रमा करेंगी राष्ट्रपति
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति की यात्रा का अंतिम दिन 21 मार्च को गोवर्धन के दानघाटी मंदिर में प्रार्थना और सात कोस यानी 21 किलोमीटर की पारंपरिक गोवर्धन परिक्रमा के साथ समाप्त होगा. इसके बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी. सुबह करीब साढ़े 8 बजे राष्ट्रपति के गोवर्धन पहुंचने और दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना करने की उम्मीद है. मंदिर में दर्शन के बाद वे गोल्फ कार्ट के जरिए लगभग 21 किमी की गोवर्धन परिक्रमा शुरू करेंगी. इस प्रक्रिया में आमतौर पर 2 से 3 घंटे का समय लग सकता है. दोपहर के समय अपनी धार्मिक यात्रा और सभी अनुष्ठानों को पूरा करने के बाद वे मथुरा से नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी.
कल प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात
कल राष्ट्रपति ने वृंदावन के श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की. इस दौरान राष्ट्रपति और महाराज ने मुख्य रूप से अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा की. श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचते ही प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों और शिष्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भव्य और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. राष्ट्रपति ने आश्रम में समय बिताते हुए संत के आशीर्वाद लिया और उनके विचारों को समझा. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक मार्गदर्शक समाज में सेवा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं। उनके साथ बातचीत में दोनों ने समाज की भलाई और लोगों के कल्याण पर भी चर्चा की. अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति साध्वी ऋतंभरा द्वारा स्थापित संस्था वात्सल्य ग्राम में भी पहुंची. यह संस्था बुजुर्गों और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए जानी जाती है.

President Droupadi Murmu
इससे पहले, उन्होंने 19 मार्च को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ‘श्री राम यंत्र' की स्थापना की और वैदिक मंत्रों के साथ प्रार्थना की. यह यंत्र मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थापित किया गया है और इसे मंदिर निर्माण का अंतिम स्तर माना जाता है. इस स्थापना के साथ ही मंदिर का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हुआ माना जा रहा है. इसके बाद राष्ट्रपति गुरुवार शाम मथुरा पहुंचीं और वहां इस्कॉन मंदिर गईं. उन्होंने मंदिर में प्रार्थना की और शाम की आरती में भाग लिया.
राष्ट्रपति के मथुरा और वृंदावन दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सुरक्षा कारणों और आतंकी संगठनों के संभावित खतरों के मद्देनजर पूरे जनपद को 'नो-फ्लाई जोन' घोषित कर दिया है. जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश के अनुसार, मथुरा जनपद की सीमा में यह पाबंदी 19 मार्च को सुबह 10:00 बजे से लागू हो गई है और 21 मार्च को शाम 05:00 बजे तक प्रभावी रहेगी. इस दौरान जिले में ड्रोन, पतंग या किसी भी प्रकार के गुब्बारे उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.
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