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प्रतीक यादव को मौत से पहले कैसे लगीं 6 चोटें, पोस्टमार्टम से गहराया सस्पेंस; जानें अब तक की कहानी

मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि शरीर में खून का थक्का बनने के बाद हालत बिगड़ी थी. थक्का ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया था, जिससे कार्डियक अरेस्ट हुआ. उनके शरीर पर 6 चोटों के निशान भी मिले हैं.

प्रतीक यादव को मौत से पहले कैसे लगीं 6 चोटें, पोस्टमार्टम से गहराया सस्पेंस; जानें अब तक की कहानी

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई? इसकी असल वजह क्या थी? सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई की मौत को लेकर कई सवाल गूंज रहे हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है. मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताया गया है. लेकिन इस रिपोर्ट के बाद सवालों की धुंध और गहरा गई है. 38 वर्षीय प्रतीक यादव के शरीर पर मिले 6 चोटों के निशान ने मामले को और पेचीदा बना दिया है. आइए बताते हैं, पूरा मामला.

घर पर बिगड़ी तबीयत, अस्पताल आने से पहले मौत

लखनऊ सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) देवेश चंद्र पांडे ने बताया कि प्रतीक यादव की तबीयत एकाएक खराब हुई थी. बुधवार सुबह लगभग 5.30 बजे प्रतीक यादव का ड्राइवर आया था. अस्पताल से एक डॉक्टर उनके साथ गए. स्थिति नाजुक होने पर प्रतीक को तुरंत अस्पताल लाया गया. वह सुबह करीब 5.55 बजे अस्पताल पहुंचे, लेकिन उस समय प्रतीक यादव का निधन हो चुका था. बाद में, डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया.

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कैसे हुई मौत, पोस्टमार्टम से क्या निकला?

प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि शरीर में खून का थक्का बनने के बाद हालत बिगड़ी थी. शरीर के निचले हिस्से से खून का थक्का ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया था, जिससे आर्टरी और फेफड़ों में संक्रमण हुआ. इसके बाद कार्डियक अरेस्ट से प्रतीक की मौत हो गई.

शरीर पर 6 चोटों के निशान

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर पर कुल छह चोटों के निशान पाए गए. छाती के दाहिने हिस्से, दाहिने हाथ, दाहिने अग्रभाग (फोरआर्म), दाहिनी कोहनी और बाईं कलाई पर गंभीर कंट्यूजन (अंदरूनी चोट) और नीचे खून जमने के निशान मिले हैं.

1. एक चोट छाती के सामने दाहिने निप्पल के नीचे 14×7 सेंटीमीटर की थी, जिसका रंग बीच में लाल-भूरा और किनारों पर हरा-पीला पाया गया. 

2. दूसरी चोट दाहिने हाथ के पिछले हिस्से पर 19×12 सेंटीमीटर की थी. 

3. तीसरी चोट दाहिने फोरआर्म पर कोहनी से कलाई तक 24×8 सेंटीमीटर की पाई गई.

4. चौथी चोट दाहिने फोरआर्म पर थी, जिसकी लंबाई-चौड़ाई 6×4 सेंटीमीटर थी.

5. पांचवीं चोट दाहिनी कोहनी के पीछे 12×6 सेंटीमीटर की पाई गई.

6. छठी चोट बाएं हाथ की कलाई पर 3×2 सेमी की दर्ज की गई. सभी चोटों के नीचे खून जमने के निशान पाए गए.

चोटें कितनी पुरानी?

डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि शरीर पर मिली सभी चोटें एंटेमॉर्टम यानी मृत्यु से पहले की हैं. रिपोर्ट के अनुसार पहली, दूसरी और तीसरी चोट करीब 5 से 7 दिन पुरानी थीं, जबकि चौथी, पांचवीं और छठी चोट लगभग एक दिन पुरानी बताई गई हैं. मौत और पोस्टमार्टम के बीच का समय लगभग आधा दिन बताया गया है.

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विसरा जांच के लिए सुरक्षित

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म से कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स बताया गया है. रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि हृदय और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिक सामग्री को हिस्टो पैथोलॉजिकल जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है, जबकि विसरा को केमिकल एनालिसिस के लिए संबंधित पुलिस अधिकारी को सौंप दिया गया.

कौन थे प्रतीक यादव?

  • प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे, जबकि अखिलेश यादव मालती देवी के बेटे हैं. 
  • प्रतीक रियल एस्टेट बिजनेस और फिटनेस सेक्टर से जुड़े थे. उन्होंने लीड्स यूनिवर्सिटी लंदन से एमबीए की डिग्री ली थी. 
  • वह सक्रिय राजनीति से आमतौर पर दूर ही रहे. प्रतीक ने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा और न समाजवादी पार्टी में कोई बड़ा पद संभाला था.
  • प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव भाजपा नेता हैं. अपर्णा इस वक्त उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं. वह 2022 में भाजपा का शामिल हुई थीं. 
  • प्रतीक यादव से अपर्णा की शादी 2011 में हुई थी. हालांकि कुछ दिनों पहले प्रतीक और अपर्णा के रिश्तों में तनाव देखा गया था.
  • जनवरी 2026 में प्रतीक ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपर्णा से जल्द ही तलाक लेने की बात कही थी. अपर्णा पर कई आरोप भी लगाए थे. 
  • बाद में दोनों की एक साथ खुशहाल परिवार की तरह तस्वीरें आईं. प्रतीक ने वीडियो जारी करके कहा कि अपर्णा से उनके रिश्ते सुलझ गए हैं. 
  • मार्च में अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया में पति और बेटी के साथ वैकेशन की तस्‍वीरें शेयर की थीं. 

रात को बेडरूम में लगी थी चोट?

प्रतीक यादव के जिम पार्टनर स्वप्नेश पांडेय ने बताया कि प्रतीक का काफी समय से इलाज चल रहा था. रात में तबीयत ज्यादा खराब हुई थी. उसके बाद वह देर रात लगभग 11-12 बजे लखनऊ सिविल अस्पताल आए थे. फिर वापस चले गए थे. घर पहुंचने पर उनकी तबीयत और भी बिगड़ी थी. स्वप्नेश ने कहा कि मुझे सुनने में आया कि रात में पैर फिसलने से वह (प्रतीक) अपने बेडरूम में गिर गए थे. इसके कारण सिर में चोट लग गई थी. मुझे सुबह करीब 4-5 बजे प्रतीक के निधन के बारे में पता चला. 

कुछ समय से बीमार थे प्रतीक 

अपर्णा यादव के भाई मुकेश सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक थोड़े बीमार थे. प्रतीक की तबीयत बिगड़ने पर घर में मौजूद लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे.उन्होंने बताया कि घटना के वक्त अपर्णा वहां मौजूद नहीं थीं. बाहर थीं. इसलिए मुझे यह खबर सोशल मीडिया से ही मिली. तब तक उनका निधन हो चुका था. दुख की घड़ी में हम परिवार के साथ हैं. 

देखें- Prateek Yadav Death: फेफड़ों की किस गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे प्रतीक यादव?

वेदांता में चल रहा था इलाज

सांसद और अभिनेता रविकिशन ने कहा कि प्रतीक यादव का महज 39 की उम्र में जाना बेहद चौंकाने वाला है. प्रतीक स्वभाव से काफी अच्छे व्यक्ति थे और अक्सर मुझे जिम में मिला करते थे. हमारी वर्कआउट को लेकर चर्चा होती रहती थी. वह एक सफल व्यवसायी थे और हमेशा खुद को राजनीति से दूर रखते थे. रवि किशन ने बताया कि कुछ समय से प्रतीक का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था. खबरों के मुताबिक, प्रतीक को काफी समय से लंग्स में क्लॉटिंग की दिक्कत थी. 

क्या बिजनेस में घाटे से परेशान थे?

प्रतीक यादव के सौतेले भाई अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी करीब दो महीने पहले प्रतीक से मुलाकात हुई. उस समय उन्होंने उनसे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और अपना कारोबार आगे बढ़ाने को कहा था. अखिलेश ने प्रतीक को हुए कारोबारी नुकसान की तरफ इशारा करते हुए कहा था- “कभी-कभी वित्तीय या जो कारोबार में नुकसान होता है, उससे कई बार लोग बहुत दुखी हो जाते हैं. प्रतीक की मौत की जांच कराए जाने से जुड़े सवाल पर अखिलेश का कहना था कि परिवार जो फैसला करेगा, उसी के अनुरूप काम किया जाएगा. 

रिटायर्ड जज से जांच की मांग क्यों?

लखनऊ-मध्य सीट से सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने प्रतीक की मौत संदिग्ध हालात में होने का दावा करते हुए हाईकोर्ट के किसी रिटायर्ड जज से जांच कराने की मांग की. पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हुए उन्होंने कहा कि प्रतीक के शरीर पर चोट के निशान थे. अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी... मैं बस इतना कह सकता हूं कि उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है. वह युवा थे और जिम में मेहनत करते थे. डॉक्टर के पास पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया... जांच होनी चाहिए कि मौत का क्या कारण है?\

देखें- कर्डियक अरेस्ट, शरीर पर 6 जगह चोट के भी निशान... पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव की मौत का हुआ खुलासा

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