मुंबई के चर्चित पीएमओ फर्जी आईडी कार्ड मामले में नए खुलासे हुए हैं. पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, आरोपी रोहन पारेख को पीएमओ से नौकरी का कोई आधिकारिक ईमेल कभी नहीं मिला था. यह खुलासा रोहन के वकील द्वारा कल कोर्ट में किए गए उस दावे को पूरी तरह खारिज करता है, जिसमें कहा गया था कि उसे मेल प्राप्त हुआ था. आज पुलिस ने रोहन के पिता प्रेमल पारेख से करीब 3 घंटे तक लंबी पूछताछ की.
पूछताछ के बाद जब वे बाहर निकले, तो उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के बजाय उनसे बदसलूकी की. प्रेमल पारेख ने पत्रकारों पर हाथ उठाया और फिर मुंह पर मास्क लगाकर वहां से भाग निकले. पुलिस जांच में साफ हो गया है कि रोहन को पीएमओ से कोई भी ईमेल नहीं आया था. चौंकाने वाली बात यह है कि रोहन ने अपने पिता प्रेमल पारेख से भी पीएमओ में नौकरी लगने का झूठ बोला था.
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी रोहन पारेख मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ और सक्षम है. मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है. रोहन और उसके पिता प्रेमल पारेख अमीर परिवार से ताल्लुक रखते हैं. पूनम चेंबर में प्रेमल पारेख की शेयर बाजार से जुड़ी एक कंसल्टेंसी फर्म OHM STOCK BROKER है. इसके अलावा, उनके भाई की ड्रोन व्यवसाय से जुड़ी एक कंपनी भी है.
3 घंटे की पुलिस पूछताछ के बाद बाहर आए पिता प्रेमल पारेख का रवैया आक्रामक था. मीडिया द्वारा मामले पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने पत्रकारों पर हाथ उछाला और बिना कुछ बोले मास्क लगाकर निकल गए. इस फर्जीवाड़े में शामिल तीसरा आरोपी प्रथमेश बागुल, जो 'ऑफिस बॉय' के रूप में काम करता था, वह फिलहाल फरार है. पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है.
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