- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति को लेकर फोन पर बातचीत की
- दोनों नेताओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की अहमियत पर चर्चा की जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अहम है
- PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच ये बातचीत ट्रंप की ईरानी नेता से वार्ता के दावे के बीच हुई है
ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंगलवार को फोन पर बात की. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी. मौजूदा संकट के बीच दोनों नेताओं में यह बातचीत वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच बातचीत के दौरान मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखने की अहमियत पर भी बातचीत की.
President Donald Trump just spoke with Prime Minister Modi. They discussed the ongoing situation in the Middle East, including the importance of keeping the Strait of Hormuz open.
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) March 24, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप का कॉल आया था. इस दौरान पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान हुआ. उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र में तनाव घटाने और जल्द से जल्द शांति बहाली का समर्थन करता है.
Received a call from President Trump and had a useful exchange of views on the situation in West Asia. India supports de-escalation and restoration of peace at the earliest. Ensuring that the Strait of Hormuz remains open, secure and accessible is essential for the whole world.…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 24, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के लिए यह जरूरी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुला रहे, सुरक्षित रहे और सभी के लिए सुलभ रहे. राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत में दोनों नेता इस बात पर सहमत थे कि शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिशों के तहत लगातार संपर्क बनाए रखेंगे.
मिडिल ईस्ट में जंग शुरू होने बाद राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच यह पहली बातचीत बताई जा रही है. ये बातचीत ऐसे समय हुई है, जब एक दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान के साथ बेहतर और सार्थक बातचीत का दावा करते हुए उसके ऊर्जा ठिकानों पर पांच दिनों तक हमले टालने की घोषणा की थी. हालांकि इसके बावजूद ईरान और इजरायल के एकदूसरे के ऊपर भीषण हमले जारी हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान से बातचीत के लिए अमेरिका एक अज्ञात ईरानी नेता के साथ संपर्क में है. ट्रंप ने इस नेता को "बेहद सम्मानित और समझदार" बताया था. ये भी साफ किया था कि ये नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई नहीं हैं.
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एक्सियोस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका से बातचीत कर रहा ईरान का यह नेता ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ हो सकते हैं. उधर न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी दावा किया है कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हाल के दिनों में "सीधी बातचीत" हुई है, हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है.
गालिबाफ ने हालांकि सोशल मीडिया पर साफ किया कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं चल रही है. उन्होंने दावा किया कि बातचीत की खबरें केवल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने के लिए फैलाई जा रही हैं. उनका कहना था कि अमेरिका और इजरायल अब युद्ध की "दलदल" से बचने का तरीका ढूंढ रहे हैं.
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