विज्ञापन

भारत किसके पक्ष में है? मिडिल ईस्ट संकट पर प्रधानमंत्री मोदी का जवाब जानिए

पीएम मोदी ने सोमवार को यूपीए सरकार के दौरान जारी किए गए तेल बांडों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर देश के बजाय अपनी सत्ता की चिंता करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दूर से सरकार चलाने वालों ने अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए यह गलत फैसला लिया, क्योंकि उस समय जवाबदेही की उम्मीद नहीं थी.

भारत किसके पक्ष में है? मिडिल ईस्ट संकट पर प्रधानमंत्री मोदी का जवाब जानिए
प्रधानमंत्री मोदी ने 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बांड जारी करने की ओर इशारा किया. (फाइल)
  • प्रधानमंत्री मोदी ने मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच भारत की प्रगति और विकास की दृढ़ संकल्प क्षमता की सराहना की
  • उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले 23 दिनों में अपने संबंध बनाने और संकट प्रबंधन की क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया
  • पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने विभाजित विश्व में मजबूत और व्यापक साझेदारियां बनाकर अपने हितों की रक्षा की है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

पीएम नरेद्र मोदी ने सोमवार को मिडिल ईस्ट संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि इन कठिन हालात में भी भारत प्रगति, विकास और विश्वास के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. टीवी9 नेटवर्क शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 23 दिनों में भारत ने अपनी संबंध बनाने की क्षमता, फैसले लेने की क्षमता और क्राइसिस मैनेजमेंट क्षमता का प्रदर्शन किया है.

हम भारत के हितों के साथ खड़े हैं

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया कई गुटों में बंटी हुई है, भारत ने मजबूत और वाइड रेंजिंग साझेदारियां बनाई हैं. पीएम मोदी ने कहा कि अक्सर लोग पूछते हैं कि हम किसके पक्ष में हैं. मेरा जवाब है कि हम भारत के साथ और भारत के हितों के साथ खड़े हैं. हम शांति और संवाद के साथ खड़े हैं.

ये भी पढ़ें- चेतावनी, इमोशनल ब्लैकमेल… खामेनेई को मारने के लिए नेतन्याहू ने ट्रंप को कैसे मनाया? सीक्रेट कॉल का खुलासा

अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए गलत फैसला लिया

पीएम मोदी ने सोमवार को यूपीए सरकार के दौरान जारी किए गए तेल बांडों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर देश के बजाय अपनी सत्ता की चिंता करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दूर से सरकार चलाने वालों ने अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए यह गलत फैसला लिया, क्योंकि उस समय जवाबदेही की उम्मीद नहीं थी. उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ की वजह से मिडिल ईस्ट संघर्ष समेत वैश्विक चुनौतियों से पैदा परिस्थितियों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

कांग्रेस ने आने वाली पीढ़ियों को कर्ज के बोझ में डाला

पीएम मोदी ने 14.8 लाख करोड़ रुपये के तेल बांड जारी करने का जिक्र करते हुए कहा कि इस फैसले से आने वाली पीढ़ियों पर वित्तीय बोझ पड़ेगा. उन्होंने कहा कि तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने भी इस कदम के दीर्घकालिक परिणामों को स्वीकार किया था.पीएम मोदी ने कहा,  2004 से 2010 के बीच जो हुआ, जरा उसे याद कीजिए. कांग्रेस सरकार के दौरान पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर संकट था और कांग्रेस ने देश की चिंता नहीं की थी, बल्कि अपनी सत्ता को लेकर चिंता में थी. उस समय कांग्रेस ने 148,000 करोड़ रुपये के तेल बांड जारी किए थे. पीएम मनमोहन सिंह ने खुद कहा था कि वे आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं, जबकि उन्हें पता था कि तेल बांड जारी करने का फैसला गलत था."

हमने कांग्रेस सरकार के पापों को धोया

पीएम मोदी ने कहा कि रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाने वालों ने सत्ता बचाने के लिए यह गलत फैसला लिया, क्योंकि उस समय जवाबदेही की उम्मीद नहीं थी. उन बॉन्डों का भुगतान 2020 के बाद होना था. पिछले पांच-छह सालों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के पापों को धोने का काम किया है. 148,000 करोड़ रुपये के बजाय देश को 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना पड़ा, क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था. इसका मतलब है कि हमें करीब  दुगनी रकम चुकानी पड़ी. पिछले 5-6 सालों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है.  इस धुलाई की कीमत कम नहीं रही. आपने ऐसी धुलाई कहीं नहीं देखी होगी.

इनपुट- ANI

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com