80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने शनिवार को लगातार 13वीं बार लाल किले देश को संबोधित करते हुए कई बड़ी बातें कही. वे लगातार 17 बार लाल किले से देश को संबोधित करने के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के रिकॉर्ड से अब कुछ ही साल दूर हैं. अगर चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर देखें तो यह किसी भी प्रधानमंत्री का सबसे अधिक लगातार बार दिए जाने वाला भाषण था. पीएम मोदी ने अपने भाषण में अपने बारह सालों के विकास कार्यों का लेखा-जोखा पेश किया. विकसित भारत के लिए अपने दृष्टिकोण को देश के सामने रखा. उन्होंने देश के लोगों से कुछ महत्वपूर्ण अपील की तो वहीं कुछ अहम घोषणाएं भी की हैं.
विकसित भारत का खाका पेश किया
पीएम मोदी ने एक सशक्त, समृद्ध और 'विकसित भारत' की दिशा में भावी रणनीति का विस्तृत खाका पेश किया. उनके इस भाषण में राष्ट्र के विकास को गति देने और भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का विजन स्पष्ट रूप से देखने को मिलता है. युवाओं के मन में रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, कोचिंग आदि को उठ रही चिंताओं को भी पीएम मोदी के भाषण में जगह मिली. भारत की असफलता की भविष्यवाणियां करने वालों को बार-बार मिलती नाकामी का जिक्र किया और महिला आरक्षण को लेकर एक राय बनाने की अपील भी दोहराई.
पीएम मोदी सप्तधारा पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने देश की प्रगति को नई दिशा देने के लिए 7 प्रमुख स्तंभों को सप्तधारा के रूप में रेखांकित किया. उन्होंने विस्तार से इन सप्तधाराओं का उल्लेख किया है. पहली धारा मैन्युफैक्चरिंग पावर जिसमें डिजाइन से लेकर घटकों तक एक संपूर्ण घरेलू एंड-टू-एंड वैल्यू चेन का निर्माण करना. इसमें 'जीरो-डिफेक्ट' गुणवत्ता, उचित लागत और वैश्विक स्तर पर उत्पादन बढ़ाने पर मुख्य ध्यान केंद्रित है.
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दूसरी धारा कृषि और खाद्य प्रसंस्करण की है जिसमें मोटे अनाज जिसे श्री अन्न भी कहा गया है, मसालों और फलों के लिए फार्म-टू-एक्सपोर्ट (खेत से निर्यात तक) की एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना और रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती की ओर तेजी से बढ़ना है. तीसरी धारा प्रौद्योगिकी और नवाचार की है, पीएम ने कहा कि केवल तकनीक के बाजार तक सीमित न रहकर भारत को एक वैश्विक नवाचार केंद्र बनाना है. इसमें AI, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वदेशी मेड-इन-इंडिया 6G में दुनिया का नेतृत्व करना शामिल है.
चौथी धारा गति शक्ति की है, जिसमें शहरों, राजमार्गों, रेलवे, हवाई अड्डों और आधुनिक औद्योगिक समुद्री बंदरगाहों को जोड़ने वाला एक हाई-स्पीड, सीमलेस मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क स्थापित करना शामिल है. पांचवी धारा रक्षा शक्ति जिसमें ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और हाइपरसोनिक तकनीक जैसी अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीकों में अग्रणी बनकर तथा उनका निर्यात कर पूर्ण सामरिक आत्मनिर्भरता हासिल करना शामिल है.
छठी धारा ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी की। पीएम ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण के साथ-साथ महासागर, तटीय और समुद्री क्षमताओं के पूर्ण उपयोग द्वारा सतत विकास को बढ़ावा देना उनकी सरकार की प्राथमिकता है. सातवीं धारा भारत की सॉफ्ट पावर है. इसमें भारतीय संस्कृति, योग, आयुर्वेद और पर्यटन का वैश्विक प्रसार करना. साथ ही गेमिंग, VFX, एनिमेशन और क्रिएटिव इकोनॉमी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करना है.
पीएम मोदी ने चालीस से भी अधिक देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों का उल्लेख कर बताया कि कैसे इससे एमएसएमई क्षेत्र को फायदा पहुंचेगा. हालांकि उन्होंने उद्योग जगत और निर्माताओं से सीधा आह्वान किया कि उत्पाद की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए. वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों के प्रति विश्वास कायम करने के लिए उच्चतम गुणवत्ता ही सबसे बड़ा पैमाना है.
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पीएम मोदी ने रखे वैश्विक लक्ष्य
पीएम ने कहा कि भारत की महत्वाकांक्षाओं के पैमाने में बदलाव हुआ है. विश्व पटल पर भारत की उपस्थिति और प्रभाव को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी ने कई बड़े वैश्विक लक्ष्य रखे हैं. उन्होंने कहा कि फॉर्च्यून 500 कंपनियों की सूची में कम से कम 50 भारतीय कंपनियों को शामिल करना है. अभी केवल 9 भारतीय कंपनियां इस सूची में हैं और उनमें से भी पांच सरकारी कंपनियां हैं. पीएम ने कहा कि दुनिया के शीर्ष बैंकों की सूची में भारतीय बैंकों को स्थान मिले, दुनिया की शीर्ष 5 फार्मा कंपनियों में भारतीय कंपनी की उपस्थिति हो, एक भारतीय लॉ या रेटिंग एजेंसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व करे. विश्व की शीर्ष फर्मों में भारतीय कंसल्टिंग या अकाउंटिंग फर्म को स्थापित हो, दुनिया की शीर्ष टेक कंपनियों में भारतीय तकनीक कंपनी का नाम हो, और ऐसे भारतीय ब्रांड बनें जिन्हें जब दुनिया 'भारत' नाम से सुने, तो उत्साह और सम्मान से स्वीकार करे.
संकट का सामना
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में सभी वैश्विक चुनौतियां का सामना करने की क्षमता है. पिछले कुछ सालों में संकटों के दौरान दुनिया ने इस क्षमता को देखा है. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी, वैश्विक संघर्षों और ऊर्जा संकट जैसे कठिन दौर में कुछ लोगों ने लगातार देश में भय और निराशा का माहौल बनाने की कोशिश की. प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी वैक्सीन की उपलब्धता पर सवाल उठाए गए तो कभी पेट्रोल, गैस और खाद की कमी की आशंकाएं जताई गईं, लेकिन भारत ने अपनी मजबूत नीतियों और आत्मनिर्भरता के संकल्प से हर चुनौती का सामना किया.
युवाओं पर फोकस
पिछले कुछ महीनों में युवाओं विशेषकर जेन ज़ी की बहुत चर्चा हुई है. स्वाभाविक है कि कल राष्ट्रपति और आज प्रधानमंत्री के भाषणों में इनकी चिंताओं को भी जगह मिली. पीएम मोदी ने युवाओं और किशोरों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं. उन्होंने कहा कि मिशन मोड के तहत अगले 1 साल में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई में प्रशिक्षित किया जाएगा. विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए डिजिटल इंफ्रा पर काम चल रहा है. उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिक सुरक्षा यानी सिविल डिफेंस के ढांचे का आधुनिकीकरण और आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. गांवों और शहरों के 5 से 15 साल के बच्चों के लिए देशव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान यानी स्पोर्ट्स हंट चलाया जाएगा. प्रधानमंत्री ने 'नशा मुक्त युवा अभियान' पर विशेष बल देते हुए देश के प्रत्येक परिवार से इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि समाज और युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाले नशे के खतरे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है. उन्होंने वैचारिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि दिमागी नक्सलियों की पहचान करना जरूरी है. देश को विकसित बनाने के लिए युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा. समाज को गलत राह पर धकेलने के लिए तरह-तरह के दांव चले जा रहे हैं.
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पीएम मोदी की अपील
पीएम मोदी ने देश में पहली बार डिजिटल तरीके से कराई जा रही जनगणना का भी उल्लेख किया. उन्होंने देश के प्रत्येक परिवार से एक साथ बैठकर अपने परिवार से जुड़ी सही और सटीक जानकारी दर्ज कराने की अपील की है. पीएम ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की तरफ से दी गई सटीक जानकारी से सरकार को बेहतर नीतियां बनाने में सीधी मदद मिलेगी. पीएम मोदी ने सहकारी संघवाद और सुधार का भी प्रमुखता से उल्लेख किया है. उन्होंने 'सबका प्रयास' की बात की जिसमें व्होल ऑफ गवर्नमेंट और व्होल ऑफ सोसाइटी का जिक्र करते हुए उन्होंने विकास के अगले चरण के सुधारों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को एक साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया. पीएम मोदी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य 'सहकारी संघवाद' और समावेशी विकास को एक साथ जोड़कर ही पूरा किया जा सकता है.
पीएम ने नारी शक्ति के लिए एकजुटता का आव्हान भी किया. उन्होंने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई 33 प्रतिशत आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर सभी राजनीतिक दलों से सीधा आह्वान किया. उन्होंने सभी दलों से महिलाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करने और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने में सहयोग की अपील की है.
महत्वपूर्ण घोषणाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में अगले 1 से 2 सालों में 7 से 8 नए उत्पादन संयंत्र शुरू किए जाएंगे. परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में साल 2047 तक 100 GW क्षमता का लक्ष्य रखा गया है. अगले 6-7 सालों के भीतर 5 नए परमाणु रिएक्टर चालू किए जाएंगे. प्रधानमंत्री का यह संबोधन आने वाले दशकों में भारत के आर्थिक, तकनीकी, सामरिक और सामाजिक परिवर्तन का एक ठोस 'रोडमैप' प्रस्तुत करता है। 'सप्तधारा' और अन्य दूरदर्शी घोषणाएं भारत को एक आत्मनिर्भर और वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी.
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