- एयर इंडिया की फ्लाइट A12379 के पायलट का नशे से जुड़ा टेस्ट दो बार पॉजिटिव पाया गया है.
- उड़ान के दौरान विमान अचानक 300 फीट नीचे गिर गया, जिससे कम से कम 24 यात्री घायल हुए थे.
- जांच में पायलट के शरीर में साइकोएक्टिव पदार्थ, खासकर मारिजुआना के सेवन की पुष्टि हुई है.
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच में सामने आया है कि फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट A12379 के एक पायलट का नशे से जुड़ा टेस्ट पॉजिटिव आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा के ऊपर उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि मामले के तकनीकी और अन्य पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है.
अलग-अलग टेस्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ मिलने की पुष्टि
इसके साथ ही पायलट-इन-कमांड के दो अलग-अलग टेस्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई है. AAIB ने इसे गंभीर मामला बताते हुए DGCA को जल्द उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की है. दिल्ली पहुंचने के बाद हुई मेडिकल जांच में पायलट पहले टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया था. बाद में दोबारा किए गए टेस्ट में भी यही नतीजा आया. जांच में मारिजुआना (वीड) के सेवन की पुष्टि हुई थी.
4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली जाते समय यह फ्लाइट 36,000 फीट की ऊंचाई से अचानक 300 फीट नीचे तक आ गई थी, जिससे इसमें सवार कम से कम 24 लोग घायल हो गए थे. इस बीच, एएआईबी फुकेत-दिल्ली फ्लाइट की घटना से जुड़े सभी जरूरी तकनीकी, ऑपरेशनल, मेडिकल और मानवीय-कारक सबूतों की जांच कर रहा है.
जांच एजेंसी का कहना है कि जांच का एकमात्र मकसद घटना से जुड़े हालात और कारणों का पता लगाना है और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सही सुरक्षा उपाय तय करना है. एजेंसी ने कहा, ‘‘यह जांच स्वतंत्र, सबूतों पर आधारित और व्यापक है. जांच के दौरान किसी एक जानकारी के आधार पर घटना के कारण के बारे में कोई नतीजा नहीं निकाला जाना चाहिए.''
एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 हादसे को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर एयरलाइन ने प्रतिक्रिया दी है. एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने रिपोर्ट का संज्ञान लिया है और जांच एजेंसी के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है. एयरलाइन की ओर से जांच के लिए सभी जरूरी ऑपरेशनल, मेंटेनेंस और तकनीकी रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
एयर इंडिया ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. कंपनी के पायलट नियमित रूप से कड़ी ट्रेनिंग, प्रोफिशिएंसी चेक और मेडिकल परीक्षणों से गुजरते हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप होते हैं. एयरलाइन ने बताया कि घटना के बाद उसने अपने 100 प्रतिशत पायलटों की स्वैच्छिक जांच शुरू कर दी है.
प्रवक्ता ने दोहराया कि एयर इंडिया सुरक्षा, फिटनेस या नियमों के किसी भी उल्लंघन को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाती है और जहां भी आवश्यकता होगी, वहां उचित कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, जांच से निकलने वाली सभी सिफारिशों को लागू करने के लिए कंपनी पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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