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ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर खड़ा हो रहा है जैश का गढ़, अब भी इंडियन आर्मी का खौफ; आतंकियों ने क्या लिखा?

सूत्रों के अनुसार, बहावलपुर स्थित इस परिसर में टूटे हुए गुंबदों को दोबारा बनाया जा रहा है. इसके अलावा मिसाइल हमलों से क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जा रही है और नई संरचनाएं भी तैयार की जा रही हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर खड़ा हो रहा है जैश का गढ़, अब भी इंडियन आर्मी का खौफ; आतंकियों ने क्या लिखा?

पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय मरकज सुभानअल्लाह को लेकर एक बार फिर बड़े दावे सामने आए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारी नुकसान झेलने के बाद अब इस परिसर का दोबारा निर्माण कराया जा रहा है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस पुनर्निर्माण के लिए पाकिस्तान सरकार की ओर से करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये जारी किए गए हैं. बताया जा रहा है कि अक्टूबर 2025 में फंड जारी होने के बाद मार्च 2026 से निर्माण कार्य तेज कर दिया गया.

सूत्रों के अनुसार, बहावलपुर स्थित इस परिसर में टूटे हुए गुंबदों को दोबारा बनाया जा रहा है. इसके अलावा मिसाइल हमलों से क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जा रही है और नई संरचनाएं भी तैयार की जा रही हैं.

यह भी दावा किया गया है कि परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पाकिस्तान की विशेष सुरक्षा इकाइयों को वहां तैनात किया गया है. 7 मई 2025 की रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचों पर सटीक एयरस्ट्राइक की थी. इस कार्रवाई में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल सेंटर मारकज़ सुभानअल्लाह को निशाना बनाया गया था. जानकारी के मुताबिक, मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुंचा. कई गुंबद ढह गए. और पूरे परिसर में बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी.

भारत के लिए क्यों अहम है मामला?

बहावलपुर लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख गढ़ रहा है. बहावलपुर में इस जमीन पर आतंकी ढांचे सक्रिय हैं और उन्हें पाकिस्तानी सरकार का संरक्षण मिलता है.

ऐसे में जैश से जुड़े ढांचे का पुनर्निर्माण हो रहा है, तो इसे भारत की सुरक्षा चिंताओं से जोड़कर देखा जा रहा है. खासकर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ, ड्रोन गतिविधियों और आतंकी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं.

जैश ए मोहम्मद के आतंकियो में अभी भी ऑपरेशन सिंदूर का खौफ

सोशल मीडिया पोस्ट में आतंकी संगठन जैश के बयान से ऑपरेशन सिंदूर की रात का खौफ का अंदाजा लगाया जा सकता है. पोस्ट में लिखा लिखा है, "वो रात बड़ी अजीब थी. ऊपर से आग बरस रही थी और जैसे आसमान से खुशबू उतर रही हो. जोरदार धमाके हो रहे थे, लेकिन उन्हीं के बीच “अल्लाहु अकबर” के नारे गूंज रहे थे. ऐसा लग रहा था जैसे पुराने दौर के मंज़र आंखों के सामने आ गए हों, जैसे कुरान में बयान किए गए दृश्य फिर से दिखाई दे रहे हों. दिल में आया कि उन आयतों को लिख दूं जिनकी झलक उस दिन जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह पर उतर रही थी, लेकिन एक छोटे से खत में इतनी जगह नहीं होती."

वहीं एक और सोशल मीडिया पोस्ट में जैश के महिला विंग जमात-अल-मोमिनात में जेहादी महिलाओं की भर्ती का जिक्र किया गया. पोस्ट में लिखा गया है कि पिछले तीन दिनों में 'अल-मोमिनात' के काम पर अल्लाह की खास रहमत और मदद रही. अल्हम्दुलिल्लाह, हजारों महिलाओं तक दीन का पैगाम पहुंचा. इसके अलावा 2200 से ज्यादा महिलाओं को 'अल-मोमिनात' की सदस्यता मिली. अल्लाह तआला हम सब और तमाम मोमिनात पर अपना फज़्ल और रहमत बनाए रखे.

इसके साथ ही पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश के गढ़ बहावलपुर में जैश के हेड क्वार्टर मस्जिद सुभान अल्लाह समेत तीन बड़े मरकजो के नेस्तनाबूद किए जाने का जिक्र करते हुए लिखा है कि तीन मरकज शहीद हुए, लेकिन वो फिर आबाद हो गए और बारह नई मस्जिदों की तामीर शुरू हो गई है.

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