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जयपुर में गूंजेगा तीनों सेनाओं का साझा जयघोष, ऑपरेशन सिंदूर का एक साल पूरा होने पर बड़ा सम्‍मेलन

जयपुर में 7 और 8 मई को भारतीय सेना का बड़ा सम्मेलन जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित किया जा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने पर हो रहे इस सम्‍मेलन में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

जयपुर में गूंजेगा तीनों सेनाओं का साझा जयघोष, ऑपरेशन सिंदूर का एक साल पूरा होने पर बड़ा सम्‍मेलन
तीनों सेनाओं की जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में मुख्य फोकस जॉइंटमेन शिप पर रहेगा.
  • जयपुर में 7-8 मई को भारतीय सेना की जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे.
  • इसमें ऑपरेशन सिंदूर की समीक्षा के साथ तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी.
  • 7 मई को जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी नई जानकारियां सामने आ सकती हैं.
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ऑपेरशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर जयपुर में 7 और 8 मई को भारतीय सेना का बड़ा सम्मेलन जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित किया जा रहा है. इसमें तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे. इस सम्मेलन का आयोजन साउथ वेस्टर्न कमांड यानी सप्तशक्ति कमांड में होगा. इसमें  थल सेना, वायु सेना और नौसेना के प्रमुख हिस्सा लेंगे. सीडीएस जनरल अनिल चौहान और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी शामिल होंगे. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भी आएंगे.  साथ ही वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी इसमें भाग लेंगे. 

इस बैठक में पिछले ऑपरेशनों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा होगी. बैठक में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल पर जोर रहेगा. 

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जॉइंटमेन शिप पर रहेगा फोकस 

इस बार सम्मेलन का मुख्य फोकस जॉइंटमेन शिप पर रहेगा. इसे लेकर जल्द एक ऑपरेशंस सेंटर बनने जा रहा है. यह सेंटर तीनों सेनाओं को एक साथ जोड़ने का काम करेगा. इसे जल्द ही पूरी तरह तैयार करने की योजना है. 

पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में बड़ा आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 26 निर्दोष सैलानियों की हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था. 

इसके बाद 7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर लांच किया गया. थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर कार्रवाई की. 
पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह ऑपरेशन बहुत कम समय में पूरा हुआ, लेकिन इसका असर लंबे समय तक रहा. 

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पाकिस्‍तान-चीन से जुड़े हालात पर होगी चर्चा 

सेना के अंदर इसे एक सफल संयुक्त ऑपरेशन माना गया. इससे जॉइंट ऑपरेशन की जरूरत और साफ हुई है. जयपुर सम्मेलन में इस ऑपरेशन की समीक्षा होगी. यह देखा जाएगा कि क्या सही रहा और कहां सुधार की जरूरत है. साथ ही पाकिस्तान और चीन से जुड़े हालात पर भी चर्चा होगी. सीमा सुरक्षा को लेकर नई रणनीति बनाई जाएगी. 

7 मई को जयपुर में अहम प्रेस कॉन्‍फ्रेंस 

इसके साथ ही जयपुर में ही 7 मई को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी. इसे तीन वरिष्ठ अधिकारी संबोधित करेंगे. थल सेना के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई इसमें शामिल होंगे. एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती भी मौजूद रहेंगे. वाइस एडमिरल एएन प्रमोद भी प्रेस से बात करेंगे. ये वही अधिकारी हैं जो पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना में डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपेरशन, डायरेक्टर जनरल एयर ऑपेरशन और डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपेरशन थे. 

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर होंगे अहम खुलासे!

माना जा रहा है कि इस बार बड़े खुलासे हो सकते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी योजना और सफलता पर नई जानकारी दी जा सकती है. इस कॉन्फ्रेंस में जॉइंट ऑपरेशंस सेंटर को लेकर भी घोषणा संभव है. यह सेंटर नई दिल्ली में बनाया जा रहा है. इसका मकसद तीनों सेनाओं को एक मंच पर लाना है. इसमें रियल टाइम जानकारी साझा की जाएगी. जमीन, हवा और समुद्र की जानकारी एक साथ मिलेगी. इससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे. ऑपरेशन की योजना बेहतर तरीके से बन सकेगी. यह सेंटर भविष्य के थिएटर कमांड सिस्टम की तैयारी माना जा रहा है. 

कुल मिलाकर, जयपुर सम्मेलन को बेहद अहम माना जा रहा है. इसमें सेना की भविष्य की दिशा तय हो सकती है और देश की सुरक्षा को लेकर बड़े फैसले सामने आ सकते हैं. 

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