पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा होने वाला है. भारत ने पिछले साल यानी 2025 में 6-7 मई की रात को पाकिस्तान में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. यह ऑपरेशन कुछ दिनों तक जारी रहा. भारतीय वायुसेना ने बिना पाकिस्तानी सीमा को पार किए आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया था. इतना ही नहीं जब पाकिस्तान ने भारत में ड्रोन अटैक करने की कोशिश की तो हमारे डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को नाकाम कर मुंहतोड़ जवाब भी दिया. आखिर मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूरे के तहत कब क्या हुआ? पूरी टाइमलाइन समझिए.
6-7 मई 2025
रात के 1.05 बजे से 1.27 बजे तक भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.
भारत ने पाकिस्तान में इन आतंकी ठिकानों को बनाया निशाना
- सवाई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद
- सैयदना बेलाल कैंप, मुजफ्फराबाद
- गुलपुर कैंप, कोटली
- अब्बास कैंप, कोटली
- बरनाला कैंप, भिम्बर
- सरजल कैंप, सियालकोट
- महमूना जोया कैंप, सियालकोट
- मरकज़ तैयबा, मुरीदके
- मरकज़ सुभान, बहावलपुर

7-8 मई 2025
- पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया.
- इन्हें हमारे एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा निष्प्रभावी कर दिया गया. इन हमलों के मलबे कई स्थानों से बरामद किया गया जा रहे हैं जो पाकिस्तानी हमलों को साबित करते हैं.
8- 9 मई 2025
- पाकिस्तान ने भारत की पश्चिमी सीमा पर हमला किया और सीमा पर भारी गोलाबारी भी की.
- लेह से लेकर गुजरात तक उन्होंने 300 से 400 ड्रोन का इस्तेमाल कर 36 जगहों को निशाना बनाया.
- भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से अधिकांश ड्रोनों को मार गिराया, जिनमें से कुछ तुर्की मूल के थे. उन्होंने भटिंडा एयर बेस को भी निशाना बनाने की कोशिश की.
- भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 4 एयर डिफेंस सिस्टम पर ड्रोन से हमला किया और 1 रडार को नुकसान पहुंचा.
- पाकिस्तान ने तंगधार, पंच, उरी, मेंढर, राजौरी, अखनूर और उधमपुर में ड्रोन और भारी क्षमता वाले तोपखाने का उपयोग करके हमला किया.
- जवाब में भारत ने भी पाकिस्तान पर हमला कर दिया जिससे पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ.

9-10 मई 2025
- पाकिस्तान ने लंबी दूरी के हथियारों, यूसीएवी ड्रोन, लियोटेरिंग म्यूनिशन, लड़ाकू विमानों और भारी कैलिबर हथियारों का उपयोग करके भारत की पश्चिमी सीमा पर हमला किया.
- उन्होंने 26 स्थानों पर हमला किया.
- भारतीय रक्षा ने अधिकांश हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया.
- पठानकोट, उधमपुर, आदमपुर, भटिंडा और भुज वायु सेना स्टेशन पर उपकरणों और कर्मियों को कुछ नुकसान हुआ.
- पाकिस्तान ने पंजाब में एक एयर बेस पर हमला करने के लिए हाई स्पीड मिसाइल का इस्तेमाल किया.
- पाकिस्तान ने एयर फोर्स स्टेशन श्रीनगर, अवंतीपुर और स्कूल में मेडिकल सेंटर और स्कूलों को भी निशाना बनाया.
- भारत ने भी तकनीकी प्रतिष्ठानों, रडार केंद्रों, कमांड और नियंत्रण केंद्रों और हथियार स्थलों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई की.
- पाकिस्तान के रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहमियार खान, सुकुर, चुनिया रक्षा प्रतिष्ठानों पर हवाई लॉन्च हथियारों और लड़ाकू विमानों का उपयोग करके हमला किया गया.
- पासूर रडार साइट और सियालकोट एविएशन बेस को भी निशाना बनाया गया.
- पाकिस्तान ने अपने हमले को शुरू करने के लिए नागरिक उड़ानों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया.
- पाकिस्तानी सेना भी सीमा के पास अपनी तैनाती बढ़ना शुरू किया.
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10 मई 2025
- दोपहर 3.35 बजे: पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO को फोन करके पूर्ण युद्ध विराम की मांग की.
- शाम 5.33 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया कि अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद, भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्ध विराम पर सहमत हो गए हैं.
- शाम 5.38 बजे: पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ट्वीट करते हुए कहा कि पाकिस्तान और भारत तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम पर सहमत हो गए हैं. पाकिस्तान हमेशा अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बिना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास करता रहा है.
- वहीं विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ऑपरेशन सिंदूर पर एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम समझौते के कार्यान्वयन की पुष्टि की.
- उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के DGMO ने आज दोपहर 3:35 बजे अपने भारतीय DGMO को फोन किया.
- बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने शाम 5:00 बजे से सभी सैन्य अभियानों - ज़मीन, हवा और समुद्र में - को रोकने पर सहमति जताई.
- विदेश मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पुष्टि की कि युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधे संचार का परिणाम था.
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