- भारत में कम हो रहे कोरोना के मामले
- देश में टीकाकरण अभियान भी जारी
- 180 से ज्यादा देशों में फैली महामारी
कोरोनावायरस (Coronavirus) संक्रमण का शिकार हो चुके किसी व्यक्ति के लिए COVID-19 रोधी टीके की एक खुराक ही पर्याप्त है क्योंकि इससे एंटीबॉडी की जो प्रतिक्रिया उत्पन्न होती है, वह ऐसे व्यक्ति से कहीं ज्यादा होती है, जो पहले कभी संक्रमित न हुआ हो. एआईजी अस्पताल द्वारा किए गए एक अध्ययन के सोमवार को जारी किये गए नतीजों में यह जानकारी सामने आई.
शहर में स्थित ‘एआईजी हॉस्पिटल्स' ने 260 स्वास्थ्यकर्मियों पर किए गए एक अध्ययन के नतीजे हाल ही में प्रकाशित किए हैं, जिन्होंने 16 जनवरी से पांच फरवरी के बीच टीके लिए थे.
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यह अध्ययन ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इंफेक्शियस डिसीसेज' में प्रकाशित किया गया है. सभी मरीजों को कोविशील्ड टीका दिया गया था.
टीकाकरण रणनीति पर इस अध्ययन के पड़ने वाले प्रभाव के बारे में ‘एआईजी हॉस्पिटल्स' के अध्यक्ष डॉक्टर डी एन नागेश्वर रेड्डी ने कहा कि नतीजों में सामने आया है कि जो लोग कोविड-19 से पीड़ित हो चुके हैं, उन्हें टीके की दो खुराक लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि एक खुराक से उतनी एंटीबाडी बन जाएगी जितनी उन लोगों में होती है, जो कभी संक्रमित नहीं हुए और उन्होंने दो खुराक ली. डॉक्टर रेड्डी ने कहा कि इससे ऐसे समय टीके की खुराक की बचत होगी, जब देश में टीके की कमी है.
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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं