- सऊदी अरब में जुलाई के अंत में होगी हज यात्रा
- कोरोनो वायरस महामारी के चलते सीमित यात्री
- पिछले साल केवल 10 हजार मुसलमानों ने हज किया था
सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने शनिवार को घोषणा की कि वह देश के उन 60,000 लोगों को ही सालाना हज (Hajj) करने की इजाजत देगा जो कि टीका लगवा चुके हैं. सऊदी अरब के मीडिया ने यह जानकारी दी है. आधिकारिक सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार हज मंत्रालय ने कहा है कि इस साल की हज यात्रा देश के नागरिकों के लिए खुली होगी और यात्रियों की संख्या 60,000 तक सीमित होगी. जुलाई के अंत में होने वाली तीर्थयात्रा में सिर्फ वे लोग जा सकेंगे जिन्हें टीका लग चुका है, जिनकी उम्र 65 साल से कम है और जिन्हें कोई पुरानी बीमारी नहीं है. यह लगातार दूसरा वर्ष होगा जब कोरोनो वायरस महामारी के चलते कम लोगों को हज करने मिलेगा.
सक्षम मुसलमानों के लिए अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार हज यात्रा करना जरूरी है. आम तौर पर इस तीर्थयात्रा में लाखों लोग पहुंचते हैं. इससे संक्रमण का जोखिम हो सकता है. पिछले साल केवल 10 हजार मुसलमानों ने हज किया था. जबकि 2019 में इस पांच दिवसीय सालाना तीर्थयात्रा में शामिल होने वालों की तादाद 25 लाख थी.
-
Ashwini Vaishnaw की कुर्सी के पीछे की ओर क्यों लगी है कील? | EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026 -
रेलमंत्री वैष्णव ने बताया बुलेट ट्रेन में देरी की क्या रहीं वजहें, जापानी मंत्री के आरोपों का दिया जवाब -
NDTV World Summit 2026 | भारत पर साइबर अटैक का खतरा कितना बड़ा? Microsoft के निकोलस बट्स ने बताया -
AI पर भारत में आएगा कानून, NDTV World Summit में बोले अश्विनी वैष्णव- चंद हफ्तों में आएगा कंसल्टेशन पेपर -
NDTV World Summit 2026: सेमीकंडक्टर, AI और बुलेट ट्रेन पर क्या है भारत का मेगा प्लान? अश्विनी वैष्णव ने बताया -
NDTV World Summit | हाथ से निकल रही है AI की ताकत! Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर ने दी चेतावनी -
'भारत के लिए खतरा बिल्कुल रियल': NDTV वर्ल्ड समिट में माइक्रोसॉफ्ट के AI विशेषज्ञ निकोलस बट्स -
भारत में कब बनेगी 'मेड इन इंडिया' चिप? NDTV World Summit में अश्विनी वैष्णव ने बताया -
हाथ से निकल रही है AI की ताकत! Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर ने भारत में दी सबसे बड़ी चेतावनी -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद हैं शाहरुख खान, बोलीं- ‘ओम शांति ओम’ के रीमेक में करना चाहती हूं काम
पिछले अक्टूबर में कोरोनो वायरस प्रतिबंधों में ढील देते हुए सऊदी अरब ने सात महीनों में पहली बार प्रार्थना के लिए ग्रैंड मस्जिद खोली और आंशिक रूप से उमराह तीर्थयात्रा को फिर से शुरू किया. उमराह तीर्थयात्रियों की सीमा प्रतिदिन 20,000 है. कुल 60,000 श्रद्धालुओं को मस्जिद में दैनिक प्रार्थना करने की अनुमति है.
उमराह आम तौर पर हर साल दुनिया भर के लाखों मुसलमानों को आकर्षित करता है. अधिकारियों ने कहा है कि महामारी का खतरा कम होने के बाद उमरा को पूरी क्षमता से साथ आयोजित करने की इजाजत दी जाएगी.
काबा में श्रद्धा का केंद्र काला पत्थर प्रथागत है, लेकिन तीर्थयात्रा के दौरान उसे स्पर्श करना अनिवार्य नहीं है. वह पहुंच में भी नहीं होता है.गौरतलब है कि कोरोना काल में हर देश में कई तरह की पाबंदियां लागू हैं. भारत समेत दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या भी बेहद सीमित है. भारत से भी दूसरे देशों के लिए बेहद कम विमान उड़ रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए भी ज्यादातर जगहों पर धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगा हुआ है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं