जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (JKAS) की एक महिला अधिकारी के साथ सीनियर आईएएस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर किए गए मौखिक दुर्व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शुक्रवार को कहा कि प्रथम दृष्टया वरिष्ठ नौकरशाह का आचरण उनसे अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं था. उन्होंने कहा कि इस मामले को मुख्य सचिव के समक्ष बेहद कड़े शब्दों में उठाया है.
'सीनियर अधिकारी का बर्ताव नहीं था ठीक'
सीएम अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा, 'मैंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सरकारी ऑनलाइन मीटिंग का वीडियो देखा है. पहली नजर में, एक वरिष्ठ अधिकारी का बर्ताव उस स्तर का नहीं था जिसकी एक वरिष्ठ IAS अधिकारी से उम्मीद की जाती है. इसके बाद एक कनिष्ठ JKAS अधिकारी को दी गई धमकियों ने स्थिति को और भी खराब कर दिया है. मैंने मुख्य सचिव के सामने इस मुद्दे को बहुत सख्ती से उठाया है. दुर्भाग्य से, एक केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते IAS अधिकारियों पर नियंत्रण 'लोक भवन' के पास है, लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर मैंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उस JKAS अधिकारी के खिलाफ कोई बदले की कार्रवाई न हो.'
I've seen the video of the online government meeting that is circulating on social media. Prima facie the conduct of the senior officer was not in keeping with the standards expected of a senior IAS officer & the subsequent threats issued to a junior JKAS officer only make matters worse. I've taken this up in the strongest possible terms with the Chief Secretary. Unfortunately as a UT control over IAS officers rests with Lok Bhavan but as CM I've instructed the CS to ensure the JKAS officer faces no retributive action.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) October 16, 2026
उन्होंने आगे लिखा, 'अगर जम्मू-कश्मीर एक राज्य होता, तो जिस IAS अधिकारी ने एक युवा JKAS अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया है, उसे उसके बर्ताव की जांच पूरी होने तक सामान्य प्रशासन विभाग से संबद्ध कर दिया जाता. एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में, हम IAS अधिकारियों को नियंत्रित करने वाले अधिकारियों से उम्मीद करते हैं कि वे एक सही उदाहरण पेश करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि दुर्व्यवहार और धमकियों जैसी घटनाओं को दबाया न जाए.'
क्या है विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब मिशन युवा की समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की भूमिका को लेकर रंजन और सहायक निदेशक बीनिश वानी के बीच तीखी बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर आए. जेकेएएस अधिकारियों ने वानी के साथ कथित दुर्व्यवहार और सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने की निंदा की है. उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है.
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