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चुनाव आयोग ने अब फॉर्म 7 को लेकर भी बदला नियम, एक व्यक्ति 10 नाम ही हटवा या जुड़वा पाएगा

चुनाव आयोग ने पिछले दिनों फॉर्म 6 को लेकर बड़ा बदलाव किया था. अब फॉर्म 7 को लेकर भी अहम फैसला लिया है. इसके तहत अब कोई भी व्यक्ति इस फॉर्म को अधिकतम 10 बार ही भर सकेगा.

चुनाव आयोग ने अब फॉर्म 7 को लेकर भी बदला नियम, एक व्यक्ति 10 नाम ही हटवा या जुड़वा पाएगा
  • चुनाव आयोग ने फॉर्म 7 को भरने की अधिकतम संख्या दस बार तक सीमित कर दी है ताकि दुरुपयोग रोका जा सके
  • एक व्यक्ति अब एक महीने में फॉर्म 7 केवल पांच बार ही भर सकता है यह नियम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों पर लागू होगा
  • फॉर्म 7 का उपयोग किसी मतदाता के नाम जोड़ने या हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है
नई दिल्ली:

चुनाव आयोग ने पिछले दिनों फॉर्म 6 को लेकर बड़ा बदलाव किया था. अब फॉर्म 7 को लेकर भी अहम फैसला लिया है. इसके तहत अब कोई भी व्यक्ति इस फॉर्म को अधिकतम 10 बार ही भर सकेगा. यह फॉर्म किसी मतदाता के नाम को जोड़े जाने पर आपत्ति दर्ज करने के लिए होता है या फिर नया नाम जुड़वाने की मांग के लिए होता है. इस फॉर्म के आधार पर जांच करने के बाद बीएलओ फैसला लेता है कि संबंधित नाम को हटना या जोड़ना है. इस को लेकर आपत्तियां आई थीं कि कुछ लोग साजिश के तहत फॉर्म भर रहे हैं और दूसरे लोगों के नाम कटवा देते हैं. 

ऐसे आरोपों के बीच अब चुनाव आयोग ने तय कर दिया है कि एक व्यक्ति अब 10 से ज्यादा बार ऐसे फॉर्म नहीं भर सकेगा. इसका मतलब हुआ कि कोई व्यक्ति अब 10 से ज्यादा नाम हटवा या जुड़वा नहीं सकेगा. इसके अलावा एक महीने के अंदर ऐसे 5 फॉर्म भरने की भी लिमिट तय हो गई है. यह लिमिट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के फॉर्मों पर लागू होगी. चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में कहा कि एक व्यक्ति 10 फॉर्म ही भर सकेगा. इसके अलावा एक महीने में ऐसे फॉर्म 5 बार ही भरने की लिमिट रहेगी. आयोग का फैसला ऐसे वक्त में आया है, जब कर्नाटक को लेकर यह आरोप लगे हैं कि वहां फॉर्म 7 का बेजा इस्तेमाल किया गया.

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राज्य के सीएम डीके शिवकुमार ने भाजपा से जुड़े लोगों पर आरोप लगाया कि उन्होंने फॉर्म 7 भरकर कई योग्य मतदाताओं के भी नाम कटवा दिए थे. उन्होंने ऐसे मामलों की जांच की मांग की थी. यही नहीं ऐसे कई मामलों में एफआईआर तक की नौबत आ गई थी. ऐसे मामलों को लेकर कर्नाटक मुख्य चुनाव अधिकारी का कहना था कि किसी भी वोटर का नाम ऐसे फॉर्म के आधार पर जोड़ा या हटाया नहीं गया है. बता दें कि फॉर्म 7 को लेकर पिछले दिनों असदुद्दीन ओवैसी ने भी आरोप लगाया था. उनका कहना था कि गोशामहल विधानसभा सीट से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए गए हैं.

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