- PM मोदी ने राज्यसभा में कहा कि वरिष्ठ नेताओं का अनुभव लोकतंत्र की अमूल्य पूंजी है और नए सांसद उनसे सीखें.
- उन्होंने राजनीति को ऐसा क्षेत्र बताया जहां कभी अंत नहीं होता और सदन में सभी का सम्मान आवश्यक है.
- PM ने पूर्व प्रधानमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के संसदीय योगदान की सराहना करते हुए उनसे प्रेरणा लेने की बात कही.
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में वरिष्ठ सांसदों के लिए विदाई भाषण देते हुए कहा कि पुरानी पीढ़ी के नेताओं का अनुभव लोकतांत्रिक व्यवस्था की अमूल्य पूंजी है और नए सांसदों को उनसे सीखने का हर अवसर इस्तेमाल करना चाहिए. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति ऐसा फील्ड है जहां कभी फुल स्टॉप नहीं होता.
राजनीति में कोई अंत नहीं होता- पीएम मोदी
राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है और प्रत्येक सदस्य की इसमें एक अनूठी भूमिका होती है. ऐसे क्षणों में, दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर आपसी सम्मान की भावना उत्पन्न होती है. अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद सदन छोड़ रहे नेताओं से मैं कहना चाहता हूं कि राजनीति में कोई अंत नहीं होता...'
VIDEO | Parliament Session: PM Modi addresses Rajya Sabha as he bids farewell to retiring MPs. He says, "I am indebted to you for giving me an opportunity to speak on this special occasion. Honourable Chairman Sir, many issues are discussed in this House and everyone makes a very… pic.twitter.com/XnAKHfjeQb
— Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2026
'आधे से ज्यादा जीवन संसद को दिया'
प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा संसदीय कार्य में बिताया है. उन्होंने कहा, 'इतने लंबे अनुभव के बाद भी, सभी नए सांसदों को उनसे सीखना चाहिए. समर्पित भाव से सदन में आना, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाना. ये सब वरिष्ठ नेताओं से प्रेरणा देने वाली बातें हैं. मैं उनके योगदान की सराहना करता हूं.'
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उपसभापति हरिवंश की कार्यशैली की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद शांत, विनम्र और संयमित तरीके से सदन का संचालन किया. उन्होंने कहा, 'हरिवंश जी को लंबे समय तक सदन में जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला. वे सिर्फ कलम के धनी नहीं, बल्कि कर्मठ भी रहे हैं. देश के हर कोने में जाकर उन्होंने अपना काम किया है.'

रिपब्लिकन पार्टी के नेता रामदास आठवले पर हंसी-मजाक
पीएम मोदी ने हास्य-व्यंग्य के अंदाज़ में कहा, 'आठवले जी जा रहे हैं, लेकिन यहां किसी को उनकी कमी महसूस नहीं होगी… वो व्यंग्य परोसते रहेंगे, यह सबको भरोसा है.' सदन में हल्की मुस्कान के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि दो साल के अंतराल में राज्यसभा से एक बड़ा समूह रिटायर होता है और हर बार नए और पुराने सदस्यों के बीच अनुभव का आदान-प्रदान लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत करता है.
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'नए सांसदों को मिलेगा अनुभव का लाभ'
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि जो वरिष्ठ सदस्य अभी सदन में बने रहेंगे, वे नए आने वाले सांसदों को अपने अनुभव का लाभ देंगे. उन्होंने कहा, 'यह प्रक्रिया हमेशा चलती रहती है. मुझे पूरा विश्वास है कि नए सांसदों को वरिष्ठों की सीख और मार्गदर्शन मिलता रहेगा.'
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