अहमदाबाद एअर इंडिया विमान हादसे को एक साल से ज्यादा हो चुका है जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी. अब सरकार ने संसद में बताया है कि इस मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. सरकार ने यह भी जानकारी दी है कि अब तक की जांच में विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म में कोई खराबी नहीं मिली है. हालांकि, विमान के थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की विस्तृत जांच अभी अमेरिका के सिएटल में चल रही है और उसकी रिपोर्ट आना बाकी है.
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में बताया कि एअरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की अंतिम रिपोर्ट में किसी तरह की देरी नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि बड़े विमान हादसों की जांच में कोई तय समय-सीमा नहीं होती और हर पहलू की गहन जांच की जाती है. उनके मुताबिक, एअर इंडिया हादसे की जांच अब अंतिम चरण में है.
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पायलट के व्यवहार पर क्या बोली सरकार?
हालांकि, सरकार ने अभी तक हादसे की वजह को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है. सरकार का कहना है कि हर संभावित पहलू की जांच जारी है. पायलट के व्यवहार को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में किए जा रहे दावों पर भी सरकार ने कोई टिप्पणी नहीं की है. सिर्फ इतना कहा गया है कि जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा. जानकारी के लिए बता दें कि AAIB इस हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
वैसे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई है। पिछले साल ही अदालत ने स्पष्ट कहा था कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, इस हादसे की जानकारी को गोपनीय रखा जाए। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि जब तक नियमित जांच पूरी नहीं होती, क्रैश संबंधी जानकारी गोपनीय रहनी चाहिए. उन्होंने कहा, मान लीजिए कल कोई कहता है कि X पायलट ज़िम्मेदार है और अंततः अंतिम जांच में वह निर्दोष पाया जाता है तो? मान लीजिए कल कहा जाए कि पायलट A ज़िम्मेदार है. जाहिर है कि पायलट के परिवार को तकलीफ़ होगी. जानकारी को टुकड़ों में लीक करने के बजाय, किसी को नियमित जांच के तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचने तक गोपनीयता बनाए रखनी चाहिए.
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