उत्तराखंड में रुदप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में निहंगों का बवाल शांत हो गया है. दो निहंग छत से नीचे उतर आए हैं और अन्य भी जल्द नीचे उतरने वाले हैं. इससे पहले निहंगों ने सेवादारों से मारपीट की, श्रद्धालु को बंधक बनाया और गुरुद्वारे की छत पर जमकर उत्पात मचाया. कुछ निहंग अब भी गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर मौजूद हैं और पुलिस की मानें तो बातचीत जारी है और जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा. रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने भी बताया कि गुरुद्वारे में अरदास सहित सभी गतिविधियां शांतिपूर्वक चल रही हैं.
2 निहंग छत से उतारे, अन्य के साथ बातचीत जारी
बताया जा रहा है कि छत पर मौजूद 2 निहंग नीचे उतर आए हैं. अन्य को भी समझाया जा रहा है. पुलिस की मानें तो सभी निहंग जल्द ही छत से नीचे आ जाएंगे. रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि शनिवार शाम करीब पौने चार बजे नगरासू गुरुद्वारे में दो पक्षों के बीच आपसी विवाद एवं कहासुनी होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस द्वारा तत्काल कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए दोनों पक्षों से बातचीत की गई. उन्होंने कहा कि इसी दौरान कुछ निहंग गुरुद्वारे की छत पर चले गए और उन्होंने छत तक पहुंचने वाले मार्ग को बंद कर दिया. तोमर ने कहा, 'पुलिस, जिला प्रशासन एवं गुरुद्वारा प्रबंधन समिति द्वारा लगातार निहंग सिखों के साथ बातचीत की जा रही है और उनकी समस्याओं को समझने तथा समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है. बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और निहंग सिखों में से एक छत से नीचे उतरकर प्रशासन एवं पुलिस से वार्ता के लिए आ गया है और शेष व्यक्तियों से भी बातचीत जारी है.'
गुरुद्वारे पर कोई कब्जा नहीं किया गया!
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया, 'गुरुद्वारे के अंदर आपसी विवाद हुआ था. वहां शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन मुस्तैदी से उपस्थित हैं. किसी प्रकार का कोई व्यवधान नहीं है, सब कुछ शांतिपूर्वक चल रहा है. गुरुद्वारे पर कोई कब्जा नहीं किया गया और न ही किसी को बंधक बनाया गया है.' उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब की यात्रा शांतिपूर्वक चल रही है और गुरुद्वारे के अंदर भी सभी प्रकार की अरदास, लंगर और लोगों की आवाजाही शांतिपूर्वक है. मिश्रा ने लोगों से इस संबंध में किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की भी अपील की.
क्यों गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग, क्या कर रहे मांग?
निहंग श्रद्धालु 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में एक घटना के बाद गिरफ्तार किये गये निहंगों को छोड़े जाने की मांग को लेकर गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़े गए हैं. कुछ खबरों में दावा किया गया है कि उन्होंने एक बुजुर्ग सिख श्रद्धालु को बंधक भी बना लिया था. पुलिस के मुताबिक, निहंगों के पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे शस्त्र हैं. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और रुद्रप्रयाग जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही हालात नियंत्रित करने के लिए गढ़वाल आयुक्त भी रुद्रप्रयाग पहुंच गए हैं.
गौरतलब है कि निहंग सिखों का कर्णप्रयाग बाजार में वाहन खड़ा करने को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था, जिसके बाद उन्होंने कथित रूप से तलवार से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया. घटना के संबंध में पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले चार सिख श्रद्धालुओं को गिरफ्तार किया गया था. बदरीनाथ राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग और गौचर के बीच नगरासू में कुछ साल पहले इस गुरुद्वारे को बनाया गया था, जिसका इस्तेमाल श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने-जाने वाले सिख तीर्थयात्री करते हैं. जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे को बनाने वाले सरदार सुखदेव सिंह और सरदार बेअंत सिंह इसकी व्यवस्था का जिम्मा भी संभालते हैं.
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आखिर, क्यों भड़के निहंग?
नगरासू गुरुद्वारे के प्रबंधक बेअंत सिंह ने बताया कि पंजाब के मोहाली से ये निहंग शनिवार शाम करीब चार बजे गुरुद्वारे पहुंचे और कर्णप्रयाग में हुई घटना के विरोध में प्रदर्शन के लिए सिख प्रदर्शनकारियों के ठहरने के लिए 50-60 कमरों की व्यवस्था करने को कहा. उन्होंने बताया कि इसमें असर्मथता व्यक्त किए जाने पर निहंगों ने मारपीट और हंगामा शुरू कर दिया. बाद में वे छत पर चढ़ गए और तीसरी मंजिल के प्रवेश द्वार को बंद कर उस पर कब्जा कर लिया. सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने साथ एक सिख तीर्थयात्री को भी बंधक बनाया और किसी भी तरह की बलपूर्वक कार्रवाई किए जाने पर वे अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रहे.
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