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नीट री-एग्जाम में क्यों पड़ रही वायुसेना की जरूरत और क्या होगा फायदा?

NEET UG परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए इस बार एयरफोर्स की मदद लेने की तैयारी है. पहले पेपर डाक और स्थानीय साधनों से पहुंचाए जाते थे, जिससे ज्यादा लोगों की भागीदारी के कारण लीक का खतरा रहता था.

नीट री-एग्जाम में क्यों पड़ रही वायुसेना की जरूरत और क्या होगा फायदा?
भारतीय वायु सेना
ANI
  • NEET-UG पुनर्परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और लीक-प्रूफ व्यवस्था के लिए वायुसेना की मदद ली जाएगी.
  • प्रश्नपत्रों को गुवाहाटी, कोलकाता, पटना जैसे प्रमुख केंद्रों तक वायुसेना के माध्यम से पहुंचाया जाएगा.
  • एयरफोर्स के प्रोटोकॉल और सीमित बाहरी हस्तक्षेप से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बढ़ेगी और लीक की संभावना कम होगी.
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21 जून को होने वाली NEET-UG की पुनर्परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए सरकार इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. इसी कड़ी में एक बड़ा कदम उठाते हुए, परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) की मदद ली जा रही है. अब तक इस काम में मुख्य भूमिका निभाने वाले डाक विभाग के नेटवर्क को अब वायुसेना का मजबूत बैकअप मिलेगा. सरकार के इस कड़े कदम के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए एयरफोर्स की मदद लेने की नौबत क्यों आई और इसके पीछे क्या सुरक्षा रणनीति है?

NEET UG परीक्षा में अब महज 20 दिन का समय बचा है, इसलिए प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर इस बार खास तैयारी की जा रही है. सरकार सवालों के लीक होने की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए एयरफोर्स की मदद से पेपर को विभिन्न शहरों तक पहुंचाने की योजना बना रही है. अब तक प्रश्नपत्र प्रिंटिंग प्रेस से डाक विभाग या अन्य माध्यमों के जरिए भेजे जाते थे और स्थानीय स्तर पर ई-रिक्शा या दूसरे साधनों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाते थे. इस प्रक्रिया में कई लोगों की भागीदारी होती थी, जिससे लीक होने का खतरा बढ़ जाता था.

क्यों ली जा रही है एयरफोर्स की मदद?

सूत्रों के अनुसार नई व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्रों को वायुसेना के जरिए सीधे गुवाहाटी, कोलकाता, पटना और बागडोगरा जैसे प्रमुख केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा. इसके बाद कड़ी निगरानी में इन्हें परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा. एयरफोर्स के सख्त प्रोटोकॉल और सीमित बाहरी हस्तक्षेप के चलते सुरक्षा और बढ़ जाएगी, जिससे लीक की संभावना बेहद कम मानी जा रही है. साथ ही 21 जून तक कई इलाकों में मानसून के पहुंचने की संभावना को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर और विमान का इस्तेमाल किया जा सकता है.

प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था

नीट परीक्षा तीन मई को भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी. इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था. एनटीए ने 12 मई को नीट को प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था और पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित की गई है.

पेपर लीक में CBI की जांच जारी 
CBI ने शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था. एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित कीं. देशभर में तलाशी अभियान चलाए और गिरफ्तारियां कीं. इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.' सीबीआई ने पहले कहा था कि अब तक की जांच में प्रश्नपत्र लीक होने के वास्तविक स्रोत का पता चल चुका है.

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