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कैसे 10 लाख में बिका था NEET-UG का पेपर? CBI के रिमांड नोट से कई बड़े खुलासे

NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में CBI के रिमांड नोट से कई बड़े खुलासे हुए हैं. इसमें सामने आया है कि 10 लाख रुपये में डील हुई थी.

कैसे 10 लाख में बिका था NEET-UG का पेपर? CBI के रिमांड नोट से कई बड़े खुलासे
पेपर लीक मामले में सीबीआई अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.
IANS
  • सीबीआई ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच की सात दिन की कस्टडी ली है
  • लीक पेपर की डील लगभग दस से बारह लाख रुपये में हुई थी, जो वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर साझा किया गया
  • मंगीलाल खटीक ने अपने बेटे के लिए लीक पेपर मांगा और उसे अपने रिश्तेदारों और दोस्तों में वितरित किया गया
नई दिल्ली:

मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में CBI अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें से 5 आरोपियों की CBI को 7 दिन की कस्टडी मिल गई है. इस मामले को लेकर CBI की रिमांड नोट में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. 

इससे पता चला है कि कैसे 10-12 लाख रुपये में NEET के पेपर की पूरी डील हुई थी और कैसे ये पेपर वॉट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए घुमता रहा. 

CBI के रिमांड नोट के मुताबिक, अप्रैल 2026 में नासिक के शुभम ने गुरुग्राम के यश यादव को बताया कि राजस्थान के मंगीलाल खटीक को अपने छोटे बेटे के लिए NEET UG-2026 का लीक पेपर चाहिए. इसके लिए 10-12 लाख रुपये में डील फाइनल हुई थी.

डील कैसे आगे बढ़ी?

मंगीलाल ने WhatsApp पर यश यादव से सीधा संपर्क किया और लीक पेपर मांगे. शुभम ने कहा कि पैसे के बदले वह Physics, Chemistry, Biology के 500-600 सवाल देगा. दावा था कि इससे बड़े मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पक्का है. 29 अप्रैल 2026 को शुभम ने यश यादव से 10वीं-12वीं के ओरिजिनल दस्तावेज, NEET रोल नंबर और एक सिक्योरिटी चेक मांगा.

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दस्तावेज और पेपर का लेन-देन

यश यादव ने अपने दोस्त यश कक्कड़ को मंगीलाल से दस्तावेज और चेक लेने भेजा. कक्कड़ ने सामान तो ले लिया, लेकिन शुभम तक नहीं पहुंचाया. इसी बीच 29 अप्रैल को यश यादव को Telegram पर PDF फाइल मिल गई, जिसमें Physics, Chemistry, Biology के पेपर और शुभम-मंगीलाल की चैट भी थी.

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लीक पेपर कहां-कहां पहुंचा?

CBI के मुताबिक, 29 अप्रैल को मंगीलाल को Telegram पर पेपर मिले थे. डील थी कि अगर 150 सवाल असली पेपर से मैच हुए तो 10 लाख रुपये देने हैं.

मंगीलाल ने पेपर की प्रिंट कॉपी अपने बेटे अमन बिवाल, रिश्तेदार ऋषि और गुंजन को दी. तीनों NEET उम्मीदवार थे. बेटे विकास बिवाल के दोस्तों को भी बांटी. जानकार शिक्षक सत्यनारायण को भी दी. आरोप है कि आंसर शीट के साथ लीक पेपर पैसे लेकर बेचे गए.

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कनेक्शन कहां से जुड़ा?

विकास बिवाल ने पूछताछ में बताया कि सीकर में कोचिंग के दौरान उसकी मुलाकात यश यादव से हुई थी. यश ने कहा था कि वह पैसे लेकर लीक पेपर दिला सकता है.

विकास ने अपने भाई अमन के लिए भी डील की. यश ने विकास से कहा था कि वह और उम्मीदवार जोड़कर लाए, बदले में उसे मुफ्त में लीक पेपर मिलेगा. इसके बाद विकास ने कई उम्मीदवारों से संपर्क किया. उम्मीदवारों की जानकारी WhatsApp और Instagram के जरिए यश यादव को भेजी गई.

CBI को क्या मिला?

  • मंगीलाल के मोबाइल से NEET UG-2026 का पेपर और चैट बरामद हुई.
  • यश यादव के iPhone से विकास और मंगीलाल से हुई संदिग्ध चैट मिली. 
  • CBI का दावा है कि यश ने कुछ सबूत डिलीट कर दिए थे, लेकिन फोन फॉरेंसिक जांच में है. बरामद PDF और चैट से पूरा नेटवर्क ट्रेस हो रहा है.
  • जांच में यह भी सामने आया कि लीक पेपर कई उम्मीदवारों के बीच सर्कुलेट किए गए.

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