यूपी के सिंघम कहे जाने वाले फिरोजाबाद के ASP अनुज चौधरी का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में वे फीता लेकर मुहर्रम के ताजिए को नापते दिख रहे हैं. उन्होंने बताया कि हादसों से बचने के लिए मानक का पालन कराया जा रहा है. जो ताजिए मानक से ज्यादा ऊंचे हैं, उनकी ऊंचाई कम कराई जा रही है. ASP अनुज चौधरी ने मुहर्रम के रूट का भी निरीक्षण किया. वहीं अनुज चौधरी के इस तरह ताजिए नापने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
क्या बोले अनुज चौधरी?
ASP अनुज चौधरी ने बताया कि फिरोजाबाद में मुहर्रम के जुलूस को लेकर पुलिस की ओर से लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है. जो ताजिए मानक से ऊंचे थे, उन्हें छोटा कराया जा रहा है. ताकि गलियों में बिजली के तारों से लगने से कोई घटना ना हो. किसी भी हादसे से बचने के लिए तैयारी की जा रही है.
जब उनसे पूछा गया कि क्या ताजिए की ऊंचाई नापी गई? तो उन्होंने बताया कि कुछ जगह ऐसा किया गया. जहां ऐसी जानकारी मिली की ताजिए तय मानक से ऊंचे थे वहां उनकी ऊंचाई कम कराई गई. ताजिए की ऊंचाई का 10 फीट का मानक है. इसमें 6-7 फीट का ताजिया और 3 फीट की गाड़ी शामिल है.
संभल हिंसा में लगे थे आरोप
ASP अनुज चौधरी अक्सर चर्चा में रहते हैं. वे ASP बनने से पहले संभल के सीओ रह चुके हैं. संभल हिंसा को लेकर भी उन पर आरोप लगे थे. चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने नवंबर 2024 में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने गोली चलाई थी. हालांकि चौधरी ने इन आरोपों से इनकार किया है.
एक स्थानीय अदालत ने 2024 में एक हिंदू श्रद्धालु द्वारा दायर एक मुकदमे पर शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यह एक प्राचीन हरिहर मंदिर के स्थल पर बनाया गया था. सर्वे के दूसरे चरण के दौरान, सर्वे का विरोध कर रहे लोगों के एक समूह ने हिंसक रूप धारण कर लिया और सुरक्षाकर्मियों से झड़प की, जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए. हिंसा के संबंध में 12 प्राथमिकी दर्ज की गईं.
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