- NEET परीक्षा से पहले रात में चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस संदिग्ध को पकड़ा.
- MBBS छात्र के मोबाइल में NEET परीक्षा की डील को लेकर सबूत मिले हैं.
- NEET परीक्षा के लिए सौदेबाजी में शामिल नालंदा जिले में अब तक 7 लोग गिरफ्तार हुए हैं.
पेपर लीक की आशंका के चलते NEET UG 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई है. राजस्थान में SOG के NEET गेस पेपर पर खुलासे के बाद जांच बढ़ी तो कई तथ्य सामने आए. NEET गेस पेपर की कड़ी सीकर से शुरू होकर केरल, महाराष्ट्र और उत्तराखंड के देहरादून तक जुड़ गई. इधर पर बिहार के नालंदा जिले में NEET UG परीक्षा को लेकर बड़ी डील का खुलासा हुआ. जानकारी के मुताबिक, NEET परीक्षा में सॉल्वर को बैठाकर एग्जाम पास कराने के लिए 50-60 लाख रुपये में सौदा हुआ था. जिस पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, पकड़े गए लोगों में MBBS का छात्र भी शामिल है.
चेकिंग के दौरान पकड़े गए 3 लोग
जानकारी के मुताबिक, NEET की परीक्षा से पहले 2-3 मई की रात को नालंदा जिले में पावापुरी थाना पुलिस चेकिंग अभियान चला रही थी. इसी दौरान दो संदिग्ध गाड़ी आई, जिसे रोककर तलाशी ली गई तो स्कॉर्पियो गाड़ी में नोटों का बंडल मिला. संदिग्ध लगने पर गाड़ी में सवार लोगों से पूछताछ की गई तो बताया गया कि गाड़ी उसके बॉस की है. रुपये के बारे में सही से जानकारी न दे पाने के कारण दोनों गाड़ी में सवारों तीनों संदिग्ध लोगों को थाने में ले जाया गया है.
MBBS छात्र है गैंग का मुख्य मास्टरमाइंड
राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सुबह जब थाना प्रभारी ने मोबाइल चेक किए तो उसमें बहुत एडमिट कार्ड और NEET परीक्षा के लिए लेनदेन मिले. इसके बाद तुरंत जिस जिले के स्टूडेंट के एडमिट कार्ड थे, उनको सूचना दी गई. सॉल्वर सेंटर पर नहीं पहुंच पाए. तीन व्यक्तियों को पकड़ा गया है. एक एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार है, दूसरा उसका सहयोगी अमन कुमार है. वहीं, जो मुख्य आरोपी उज्जवल राज उर्फ राजा बाबू 2022 बैच का MBBS छात्र है, वह लगातार फेल हो रहा है. सूचना है कि उस पर सीबीआई का भी केस है. वहीं इस गैंग का मास्टरमाइंड है. कुल 2 लाख 95 हजार रुपये मिला है.

NEET परीक्षा में सॉल्वर बैठाने की थी तैयारी
मुख्य आरोपी विम्स मेडिकल कॉलेज के MBBS छात्र अवधेश कुमार के मोबाइल की जांच में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले. इसके बाद पुलिस ने औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में छापेमारी कर चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया. जांच में खुलासा हुआ कि ये सभी आरोपी NEET परीक्षा में अपने स्थान पर सॉल्वर बैठाने की तैयारी में थे, लेकिन मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के कारण योजना सफल नहीं हो सकी. गिरफ्तार आरोपियों में सीतामढ़ी निवासी हर्षराज, मुजफ्फरपुर निवासी मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार शामिल हैं.
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने परीक्षा पास कराने के लिए 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस दिए थे, जबकि पूरी डील 50 से 60 लाख रुपये में तय हुई थी. यह सौदा मुख्य सरगना उज्ज्वल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह के साथ हुआ था. राजगीर डीएसपी ने बताया कि अब तक इस मामले में कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. वहीं अन्य फरार आरोपियों की तलाश में विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है.
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