- मई महीने में नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद सरकार ने परीक्षा स्थगित कर दी थी
- सीबीआई ने देश के कई शहरों में छापेमारी कर 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर डिजिटल सबूत बरामद किए
- सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को फटकार लगाते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और परीक्षा व्यवस्था सुधारने को कहा
मई महीने की तीन तारीख को हुई नीट पेपर की परीक्षा और लीक की खबरों के बाद सरकार को उसे स्थगित कर देना पड़ा था. पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिले थे. इसके बाद सीबीआई (CBI) ने देश के कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की और 13 मास्टरमाइंड तथा दलालों को गिरफ्तार किया. इस परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बीच अब रविवार यानी 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई जा रही है.
49 दिनों की जांच में क्या-क्या हुआ, पूरी टाइमलाइन
इस साल 3 मई को परीक्षा का आयोजन किया गया था. देशभर के विभिन्न केंद्रों पर 22 लाख से ज्यादा छात्र इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में शामिल हुए थे. हालांकि एग्जाम के तुरंत बाद ही कुछ राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायतें सामने आने लगीं.

देशभर में परीक्षा रद्द, CBI को जांच
12 मई 2026 को प्रश्नपत्र लीक होने के गंभीर और पुख्ता सबूत मिलने के बाद, केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए देश भर में परीक्षा पूरी तरह रद्द कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तुरंत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई.
CBI की छापेमारी और गिरफ्तारियां
14 मई से 23 मई तक सीबीआई ने दिल्ली, लातूर, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे और नासिक समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की. इस दौरान कोचिंग सेंटर चलाने वाले संचालकों, फिजिक्स-केमिस्ट्री के प्रोफेसर्स और डॉक्टरों सहित 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुणे से गिरफ्तार फिजिक्स लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार और केमिस्ट्री कोचिंग डायरेक्टर शुभम खैरनार के मोबाइल से डिजिटल सबूत बरामद हुए.

सुप्रीम कोर्ट ने NTA को लगाई फटकार
25 से 28 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और छात्रों की याचिकाओं पर सुनवाई की. अदालत ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा, "यह बेहद दुखद है कि NTA ने पहले (2024) हुए पेपर लीक से कोई सबक नहीं लिया." अदालत ने केंद्र सरकार से अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार का ब्लूप्रिंट मांगा.
CBT (ऑनलाइन) मोड में परीक्षा कराने से कोर्ट का इनकार
1 जून 2026 को कुछ याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि 21 जून की दोबारा परीक्षा पेन-पेपर के बजाय कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच ने परीक्षा के ठीक पहले व्यवस्था बदलने से इनकार कर दिया और इस मांग पर जुलाई में विस्तृत सुनवाई तय की.

राउज एवेन्यू कोर्ट का आदेश और चार्जशीट की तैयारी
15-19 जून को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को जेल में बंद आरोपियों से दोबारा पूछताछ की अनुमति दी. जांच में खुलासा हुआ कि लीक पेपर अभ्यर्थियों को 10 से 12 लाख रुपये में बेचे गए थे. सीबीआई ने 100 से अधिक लोगों से पूछताछ पूरी की और अगले 10 दिनों में कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है.
री-टेस्ट टालने की आखिरी याचिका खारिज
19-20 जून को 11 छात्रों ने अत्यधिक मानसिक तनाव और तैयारी के लिए कम समय मिलने का हवाला देकर 21 जून के री-टेस्ट को स्थगित करने की गुहार लगाई थी. चीफ जस्टिस सूर्या कांत की बेंच ने इस पर तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया, जिससे दोबारा परीक्षा का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया.

अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई?
- सीबीआई ने इस रैकेट से जुड़े 13 मास्टरमाइंड और दलालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पेपर लीक में शामिल पाए गए सरकारी स्कूलों और निजी कोचिंग के प्रोफेसरों व लेक्चरर्स को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड या बर्खास्त कर दिया गया है.
- जांच एजेंसी ने आरोपियों के पास से दर्जनों मोबाइल, लैपटॉप और मैनुअल दस्तावेज जब्त किए हैं. फॉरेंसिक लैब (CFSL) की जांच में इन उपकरणों से डिलीट किए गए डेटा और लीक प्रश्नपत्रों के सीधे लिंक मिले हैं.
- इस बार की जांच में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिसमें भारी जुर्माने और जेल की सजा का प्रावधान है.
- पूर्व इसरो (ISRO) प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एनटीए के भीतर एक विशेष मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है, ताकि आगे डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को अचूक बनाया जा सके.
- रविवार यानी 21 जून 2026 को कड़ी सुरक्षा और नए नियमों (जैसे कड़े बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और जैमर्स) के बीच देश के 5,440 केंद्रों पर नीट-यूजी की परीक्षा फिर से आयोजित की जा रही है. सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का पूरा जोर इस बार परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने पर है.
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