- E20 फ्यूल पर हुए टाउनहॉल के बाद केजरीवाल ने सरकार से तीन मांगें की हैं.
- उन्होंने कहा- पेट्रोल पंप पर ग्राहकों के पास चुनाव करने का विकल्प होना चाहिए.
- E20 ईंधन की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए और कच्चे तेल की कीमतें कम होने के कारण, पेट्रोल की कीमत भी घटे
E20 फ्यूल को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आम आदमी पार्टी ने टाउनहॉल मीटिंग की. इसमें देश भर से कई एक्सपर्ट, वाहन मालिक और इस नीति से प्रभावित हुए लोग शामिल हुए. आम आदमी पार्टी की ओर से दावा किया गया कि 6 लाख से अधिक लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए. इसमें कई एक्सपर्ट ने E20 फ्यूल की कमियां गिनाईं. बिहार के चर्चित यूट्यूबर और E20 के कारण गाड़ी खराब होने का दावा करने वाले मनीष कश्यप भी इस टाउनहॉल में शामिल हुए. कई कार मैकेनिक भी इस प्रोग्राम में शामिल थे, जिन्होंने इसकी तकनीकी दिक्कतें बताई. पीएम मोदी की मिमिक्री करने वाले श्याम रंगीला भी प्रोग्राम में नजर आए. टाउनहॉल में हुई चर्चा के आधार पर अरविंद केजरीवाल ने सरकार ने तीन मांगें की.
केजरीवाल ने कहा, 'आज के टाउन हॉल में लोगों ने तीन मांगें रखीं.
- पेट्रोल पंप पर ग्राहकों के पास चुनाव करने का विकल्प होना चाहिए... जो लोग E20 ईंधन चाहते हैं, वे E20 खरीद सकें, और जो लोग शुद्ध पेट्रोल पसंद करते हैं, उनके पास शुद्ध पेट्रोल खरीदने का विकल्प हो.
- E20 ईंधन की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए.
- ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें कम होने के कारण, पेट्रोल की खुदरा कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से कम होनी चाहिए.
VIDEO | Delhi: AAP national convenor Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) demands petrol-E20 choice at pumps, lower E20 price, cut in pure petrol rates.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 1, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/RBD9P3JRy4
इथेनॉल फायदेमंद नहीं, फिर इसे क्यों दिया जा रहा बढ़ावाः केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि अगर इथेनॉल किसी भी नजरिए से फायदेमंद नहीं है, तो इसे बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है? इथेनॉल की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है. यह पेट्रोल से ज्यादा महंगा है, कम माइलेज देता है, इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होता और न ही विदेशी मुद्रा की बचत होती है. इसके अलावा, इथेनॉल बनाने वाले प्लांट के आस-पास के इलाकों में ज़मीन के नीचे का पानी प्रदूषित हो जाता है. तो फिर केंद्र सरकार गुमराह करने वाले आंकड़े पेश करके और लोगों की इच्छा के ख़िलाफ़ पूरे देश में इथेनॉल को क्यों बढ़ावा दे रही है?
केजरीवाल ने पूछा कि सरकार नागरिकों पर इथेनॉल क्यों थोप रही है? सरकार की क्या मजबूरी या छिपा हुआ एजेंडा है? मामले की जांच करने पर पता चलता है कि यह सब अमेरिका के दबाव में किया जा रहा है."
Delhi: AAP National Convenor Arvind Kejriwal says, "Today, a National Town Hall against E20 was held at the Constitution Club in the Mavlankar Hall. The hall was packed to capacity, both upstairs and downstairs. There were as many people outside as there were inside, and nearly 7… pic.twitter.com/mQJPhEOTBx
— IANS (@ians_india) August 1, 2026
केजरीवाल बोले- मुझे भरोसा सरकार भी यह कार्यक्रम देख रही है
केजरीवाल ने यह भी कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि आज सरकार भी यह कार्यक्रम देख रही है. जब भी उनके मंत्री आते हैं, तो वे कहते हैं कि E20 सुरक्षित है. E20 से कोई दिक्कत नहीं है. जो लोग E20 के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं, वे देश-विरोधी हैं. मैं उनसे कहना चाहता हूँ कि आज हमने आपके सामने इतने सारे बयान रखे. आज हमने इतने सारे सबूत पेश किए..."
इस कार्यक्रम में 12 साल से मोटर मैकेनिक का काम कर रहे आमिर खान ने E20 फ्यूल के कारण होने वाली गड़बड़ियों के बारे में विस्तार से बताया.
Fuel Pump Choke, Engine Failure... सुनिए, 12 साल से Motor Mechanic के तौर पर काम कर रहे Aamir Khan जी से, E20 petrol कैसे Vehicles को Damage कर रहा है। Live Demonstration के साथ।#KejriwalTownHallAgainstE20 pic.twitter.com/gqN1siMR0R
— AAP (@AamAadmiParty) August 1, 2026
मामला शांत होते E25, E30 लाएगी सरकारः केजरीवाल
E20 के खिलाफ नेशनल टाउनहॉल को संबोधित करते हुए AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, "दूसरी बात, आजकल वे कह रहे हैं कि E25 अभी नहीं लाया जा रहा है और इस पर स्टडी चल रही है. वे कह रहे हैं कि E30 अभी नहीं लाया जा रहा है, लेकिन कोई स्टडी नहीं हो रही है. वे बस इस मामले के शांत होने का इंतज़ार कर रहे हैं. जैसे ही मामला शांत होगा, वे E25 ले आएंगे. जैसे ही मामला शांत होगा, वे E30 ले आएंगे. जैसे ही मामला शांत होगा, वे E40 ले आएंगे..."
बिना स्टडी E20 को जबरदस्ती थोप रही सरकारः केजरीवाल
केजरीवाल ने यह भी कहा कि कभी-कभी वे कहते हैं कि E20 अच्छा है और कभी कहते हैं कि E20 बुरा है. एक मंत्रालय कहता है कि E20 से 2-5% का फ़र्क पड़ता है, तो दूसरा मंत्रालय 4% बताता है. यानी, उन्होंने कोई स्टडी नहीं की. उन्होंने इसे ज़बरदस्ती लागू किया है। गाड़ियां खराब हो रही हैं और माइलेज कम हो रहा है. सरकार लोगों पर इसे क्यों थोप रही है? इसमें सरकार का क्या फ़ायदा है? E20 पेट्रोल अच्छा नहीं है..."
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