- यह पहली बार है जब क्लास 9 की किताब में आपातकाल पर अध्याय जोड़ा गया. इसे ‘लोकतंत्र के लिए चुनौती' बताया गया है.
- भारत में लोकतंत्र के सामने आई प्रमुख चुनौतियों में से एक 1975-77 के दौरान लगाया गया आपातकाल था.
- पुस्तक में आपातकाल के विरोध में चले आंदोलन में जयप्रकाश नारायण की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है.
25 जून 1975 को देश में आपातकाल की घोषणा की गई थी. इसे भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दौर माना जाता है. आपातकाल लागू किए जाने वाली तिथि 25 जून को अब संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसे संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने का मकसद इस क्रूर फैसले की याद को ताजा रखना है. आज 25 जून को पूरे देश में संविधान हत्या दिवस पर अलग-अलग जगहों पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इस बीच एक बड़ी खबर NCERT की ओर से सामने आई है. NCERT ने 9वीं के किताब में आपातकाल के चैप्टर को शामिल किया है.
लोकत्रंत के लिए चुनौती नामक चैप्टर में आपातकाल की कहानी
- यह पहली बार है जब क्लास 9 की किताब में आपातकाल पर अध्याय जोड़ा गया. किताब में इसे ‘लोकतंत्र के लिए चुनौती' बताया गया है. भारत में आपातकाल लगाए जाने के लगभग पांच दशक बाद NCERT ने पहली बार कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में इस विषय को शामिल किया है.
- नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक “अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड” में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई प्रमुख चुनौतियों में से एक बताया गया है, क्योंकि उस दौरान अधिकांश मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे.
- NCERT के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि यह पहली बार है जब कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में आपातकाल पर एक अलग चैप्टर जोड़ा गया है. यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब देश ने हाल ही में 1975 में लगाए गए आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने को याद किया है.
195-77 तक देश में था आपातकाल
पुस्तक में कहा गया है, 'भारत में लोकतंत्र के सामने आई प्रमुख चुनौतियों में से एक 1975-77 के दौरान लगाया गया आपातकाल था. 1970 के शुरुआती वर्षों में इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ जनता की असंतुष्टि बढ़ रही थी. बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और कुप्रशासन के आरोपों के कारण व्यापक विरोध-प्रदर्शन हो रहे थे.'
नागरिकों की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई थी
पुस्तक के अनुसार, 'जून 1975 में आंतरिक अशांति के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया गया. इस दौरान अधिकांश मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गई और अनेक राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर दबाव पड़ा और नागरिकों की स्वतंत्रता सीमित हो गई.'
NCERT की किताब में जेपी का भी जिक्र
पुस्तक में आपातकाल के विरोध में चले आंदोलन में जयप्रकाश नारायण की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है. इसमें कहा गया है कि 'लोकनायक के नाम से प्रसिद्ध राजनीतिक नेता और समाजवादी चिंतक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले जन आंदोलनों ने, विशेषकर बिहार और गुजरात में, छात्रों और नागरिकों को संगठित किया. 1977 में आपातकाल समाप्त किया गया और आम चुनाव कराए गए, जिससे जनता को मतदान के माध्यम से अपनी इच्छा व्यक्त करने का अवसर मिला. सत्तारूढ़ सरकार की हार ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और लोकतंत्र के महत्व को रेखांकित किया.'
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