- जम्मू-कश्मीर विधानसभा में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया.
- नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस विधायकों ने सदन में खामेनेई की तस्वीर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की.
- भाजपा विधायकों ने जम्मू में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग को लेकर विधानसभा में प्रदर्शन किया.
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को जमकर हंगामा देखने को मिला. पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की. जहां नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस सहित कुछ अन्य दलों के विधायकों ने ईरान के ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को लेकर विरोध जताया और सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया. साथ ही उन्होंने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के विरोध को लेकर भी सदन में जमकर नारेबाजी की. वहीं भाजपा ने भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सत्र पांच सप्ताह के अवकाश के बाद शुक्रवार को फिर से शुरू हुआ. हालांकि सत्र के शुरू होते ही विधानसभा में हंगामा मच गया. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्य खड़े हो गए और नारेबाजी करने लगे, जिससे अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर की अपील के बावजूद प्रश्नकाल बाधित हुआ और विधानसभा को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा.
#WATCH | Jammu, J&K: NC MLAs stage a protest and chant slogans inside the J&K assembly against the killing of Iranian Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei and the US-Israel vs Iran conflict. pic.twitter.com/3xeKl9VZR1
— ANI (@ANI) March 27, 2026
खामेनेई की हत्या पर NC और कांग्रेस का प्रदर्शन
सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस, माकपा और निर्दलीय विधायकों के साथ ही विपक्षी पीडीपी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए इजरायल के खिलाफ नारे लगाए. नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस सदस्यों ने अपने हाथों में खामेनेई की तस्वीर लेकर विरोध प्रदर्शन किया. वहीं भाजपा सदस्यों ने जम्मू में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग को प्रदर्शन किया.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि पार्टी और जम्मू-कश्मीर सरकार अली खामेनेई की हत्या पर ईरान के साथ एकजुटता से खड़ी हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का अधिकार नहीं है. साथ ही उन्होंने भारत के शीर्ष नेतृत्व से इस घटना की निंदा करने का आग्रह किया और कहा कि वे ईरान के लोगों के साथ हैं.
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हम ईरान के साथ एकजुटता से खड़े हैं: सादिक
सादिक ने कहा कि हम ईरान के साथ एकजुटता से खड़े हैं. पूरी नेशनल कॉन्फ्रेंस और जम्मू-कश्मीर की पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है, जिस तरह से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नागरिक समाज में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा की है, उसी तरह आज हम सब यहां खड़े हैं.
उन्होंने कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का कोई अधिकार नहीं है. मेरा मानना है कि इस देश के शीर्ष नेतृत्व को इसकी निंदा करनी चाहिए. आज हम ईरान के लोगों का समर्थन कर रहे हैं.
खामेनेई की हत्या अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन: CM अब्दुल्ला
इससे पहले 7 मार्च को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की निंदा करते हुए कहा था कि हवाई बमबारी से सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को उन्होंने फोर्स का घोर दुरुपयोग और हर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया.
पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि किसी भी देश के नागरिकों को ही अपनी-अपनी सरकार चुनने का अधिकार है.
अब्दुल्ला ने कहा कि अपने शासन का चुनाव करने का अधिकार केवल उस देश में रहने वाले लोगों को होता है.साथ ही कहा था कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बिल्कुल सही हैं. हवाई बमबारी से शासन परिवर्तन संभव नहीं है.
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त सैन्य हमलों में 86 साल के अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया था. इन हमलों में ईरान के अन्य कई वरिष्ठ नेता भी मारे गए.
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