- रायपुर से दिल्ली जाना अब आसान हो जाएगा, दोनों शहरों की दूरी 14 से 16 घंटे में पूरी होगी.
- रायपुर से लखनादौन तक बनने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दोनों शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत करेगा.
- NHAI की तरफ से इस प्रोजेक्ट की DPR लगभग बनकर तैयार हो चुकी है, जिस पर जल्द काम शुरू होगा.
बनासकांठा से दिल्ली तक जाना अब आसान होने वाला है. दोनों शहरों के बीच का सफर महज 9 घंटे में पूरा हो जाएगा. यानि आप सुबह बनासकांठा से निकलेंगे तो रात तक दिल्ली पहुंच जाएंगे. क्योंकि गुजरात के नमो शक्ति एक्सप्रेसवे से यह सफर आसान होगा. 430 किलोमीटर यह ग्रीनफील्ड हाईवे गुजरात की रोड कनेक्टिविटी में बेहद अहम साबित होने वाला है. जो आपको गुजरात से राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा होते हुए दिल्ली तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी देने वाला है. नमो शक्ति एक्सप्रेसवे गुजरात के सौराष्ट्र इलाके को और तेज रफ्तार देने वाला है. इस परियोजना पर काम शुरू हो गया है. क्योंकि यह गुजरात को देश दो बड़े हाईवे अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट करेगा. जिससे देश के कई बड़े शहर गुजरात से जुड़ जाएंगे. इसलिए यह परियोजना अहम मानी जा रही है.
बनासकांठा से दिल्ली का सफर होगा आसान
नमो शक्ति एक्सप्रेसवे वैसे तो गुजरात के बनासकांठा जिले के दीसा से शुरू होकर अमरेली जिले के पीपावाव पोर्ट तक जाता है. लेकिन यह आपको दिल्ली तक कैसे पहुंचाएगा. यह हम बताते हैं. दरअसल, नमो शक्ति एक्सप्रेसवे और अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे मिलकर एक कॉरिडोर बनाते हैं. ऐसे में यात्रियों को बनासकांठा से चलकर अमृतसर जामनगर एक्सप्रेसवे से इंटरचेंज करते हुए राजस्थान, हरियाणा से होते हुए दिल्ली का सफर तय करना होगा. सबसे पहले बनासकांठा से दीसा तक आना होगा. यहां से आपकी गाड़ी थराद की तरफ जाएगी. यहां आप अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे से लिंक हो जाएंगे और जोधपुर और बीकानेर जिले से गुजरेंगे, इसके बाद दौसा या ब्यावर-जयपुर लिंक से आपकी गाड़ी देश के सबसे बड़े दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगी. इसके बाद आपकी गाड़ी मध्य प्रदेश राजस्थान बॉर्डर के रास्ते से होते हुए हरियाणा में एंट्री कर जाएगी और नूह, सोहना से होते हुए सीधे गुरुग्राम से डीएनडी फ्लाइओवर से दिल्ली में एंट्री कर जाएगी.
बनासकांठा से दिल्ली का कुल सफर अभी 800 से 830 किलोमीटर के बीच आता है. लेकिन नमो शक्ति एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह सफर कम होगा. इसके बाद यात्रियों को केवल 720 से 740 किलोमीटर का सफर ही तय करना होगा, यानि 90 किलोमीटर की कमी हो जाएगी. वहीं पहले दोनों शहरों के बीच के सफर में 14 से 16 घंटे का समय लगता था. लेकिन अब यह समय मात्र 8 से 9 घंटे में हो जाएगा. यानि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से सीधा सफर करने में यात्रा में 6 से 7 घंटे की कमी हो जाएगी.
प्रस्तावित नमो शक्ति एक्सप्रेसवे का रूट
- बनासकांठा
- पाटन
- सुरेंद्रनगर
- मोरबी
- राजकोट
- जामनगर
- द्वारका
- पोरबंदर
- जूनागढ़
- सोमनाथ
- अमरेली
- बोटाद
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430 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे
नमो शक्ति एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 430 किलोमीटर होगी. जिसे बनाने में लगभग 39,120 करोड़ रुपए खर्च होंगे. पहले इसका प्रस्ताव 4 लेन बनाने खा था. लेकिन भविष्य के ट्रैफिक को देखते हुए अब इसे 6 से 8 लेन के बीच बनाया जाएगा. गुजरात सरकार की तरफ इस प्रोजेक्ट पर मुहर लग चुकी है. गुजरात सरकार ने इसे पास कर दिया है.
गुजरात का बड़े राज्यों से जुड़ाव
गुजरात का बड़े बड़े राज्यों से सीधा जुड़ाव और मजबूत हो जाएगा. दीसा से आगे यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा. साथ ही अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे से भी इंटरचेंज करेगा. ऐसे में गुजरात अब मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली से जुड़ाव हो जाएगा. साथ ही पंजाब के प्रमुख शहरों जैसे अमृतसर और बठिंडा से भी कनेक्शन बढ़ जाएगा. वहीं राजस्थान में जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जालौर तक कनेक्टिविटी होगी.
एक्सप्रेसवे की DPR तैयार
नमो शक्ति एक्सप्रेसवे की DPR गुजरात सरकार की तरफ से तैयार कर ली गई है. अब इस प्रोजेक्ट के लिए बोलियां सरकार की तरफ से बुलवाई गई हैं. प्रोजेक्ट की योजना के मुताबिक इसे साल 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह एक्सप्रेसवे गुजरात के लिए बेहद उपयोगी साबित होने वाला है, साणंद, धोलेरा, राजकोट, शापर जैसे औद्योगिक इलाकों के लिए यह मेगा परियोजना गेमचेंजर साबित होने वाली है. वहीं सौराष्ट्र की तरफ जूनागढ़, गिर नेशनल पार्क और सोमनाथ तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी भी मिलेगी.
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