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चमत्कार! जन्मदिन पर फिर 'जिंदा' हो गई 103 साल की बुजुर्ग महिला, अंतिम संस्कार की चल रही थी तैयारी

नागपुर में अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहां 103 साल की महिला जिसे मृत मान लिया गया था, उसकी अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थीं, तभी वो दोबारा जिंदा हो गई.

चमत्कार! जन्मदिन पर फिर 'जिंदा' हो गई 103 साल की बुजुर्ग महिला, अंतिम संस्कार की चल रही थी तैयारी
Nagpur Interesting News
नागपुर:

महाराष्ट्र में जन्मदिन के दिन पुनर्जन्म वाली घटना सामने आई है, जहां बर्थडे के दिन 103 साल की बुजुर्ग महिला की सांसें थम सी गईं तो उसे मृत मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी होने लगीं. लेकिन ये चमत्कार ही है कि बुजुर्ग महिला मौत को मात देकर लौटी. रामटेक की या घटना 'चमत्कार' से कम नहीं है, जहां जिंदगी लौटी और उसका उत्सव मनाया गया. जिसे मृत समझकर अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, उसी दादी के जीवित होने की बात सामने आते ही माहौल बिल्कुल उल्टा हो गया. उसी दिन दादी का बर्थडे था, लिहाजा सब ने बर्थडे मनाया और केक खाकर खुशी खुशी लौटे. कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना के बारे में कहा कि जिंदगी मिली दोबारा.

नागपुर जिले की अजीबोगरीब घटना

नागपुर जिले के रामटेक से कुछ ऐसी ही घटना सामने आई है. 103 साल की बुजुर्ग गंगाबाई साखरे को मृत समझ लिया गया था, उन्होंने मौत को चकमा दे दिया. खास बात यह, कि जब अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी चल रही थी, तभी बुजुर्ग के पैर की उंगलियां अचानक हिलने लगीं, जिससे परिवार वाले खुशी से दंग रह गए. इस पूरे मामले की शुरुआत सोमवार की शाम को हुई जब उनके शरीर की हलचल बंद होने के कारण उन्हें मृत मान लिया गया था और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। रिश्तेदारों को संदेश भेज दिया गया.

हाथ-पैर बांधे और नाक में रुई तक लगा दी

मंगलवार को गंगाबाई को नई साड़ी पहनाई गई, हाथ-पैर बांध दिए गए थे और नाक में कपास की रुई भी रख दी गई थी. उधर, सोशल मीडिया पर उनके निधन की खबर फैल गई और दूर-दराज के रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने लगे थे.इसी बीच मंगलवार शाम को पोते राकेश साखरे का ध्यान उनके पैर की हलचल पर गया, जैसे ही नाक से रुई निकाली गई, गंगाबाई ने जोर से सांस ली; मृत समझी गई दादी जीवित थीं.

लोगों ने कहा- चमत्कार

इस बात से पल भर में घर का शोक का माहौल खुशी और आश्चर्य में बदल गया. फिर क्या था, शववाहिनी को वापस भेज दिया गया और शोक मंडप हटा दिया गया। मौत के दरवाजे से लौटकर आईं 103 वर्षीय दादी गंगाबाई रामटेक में एक 'जीवित चमत्कार' साबित हुईं। तभी, परिवार के सदस्यों ने बताया कि संयोगवश वही दादी का जन्मदिन भी है।

इस घटना के बाद परिवार ने बड़े उत्साह के साथ केक काटकर दादी का 103 वां जन्मदिन मनाया. किसी अंतिम संस्कार के लिए मातमी चेहरा लेकर गए लोग खुशी खुशी केक खाकर लौटने की यह घटना अपने आप में अनोखी है और खूब चर्चा का कारण बन रही है. अब तो आपसे पास के गांवों के लोग भी इस दादी को मिलने पहुंचने लगे हैं.
 

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