- मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में आग लगने के बाद ICU में धुआं भर गया. जिससे वहां मरीजों का दम घुटने लगा.
- इस हादसे में 4 मरीजों की मौत हो गई, कई मरीजों की स्थिति खराब है, जिन्हें दूसरे हॉस्पटिलों में भर्ती करया गया.
- इस हादसे में और भी कई लोगों की जान जा सकती थी, यदि 95 साल की दादी राधा देवी समय रहते नर्स को नहीं बताती.
Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के मशहूर हॉस्पिटल प्रसाद में बीती रात लगी आग में 4 मरीजों की मौत हो गई. जबकि कई मरीज की हालत खराब है. आग हॉस्पिटल बिल्डिंग के पांचवीं मंजिल पर स्थित ICU में लगी. जिसमें गंभीर रूप से बीमार मरीज भर्ती थे. इनमें से कई मरीजों ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे. बताया जाता है कि आग लगने के बाद ICU में धुआं भर गया. जिसके बाद वहीं मरीजों का दम घुटने लगा. मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार ने 4 मरीजों की मौत की पुष्टि है. घटना के बाद वहां ICU में भर्ती मरीजों को दूसरे हॉस्पटिलों में भर्ती करवाया गया है.
ICU बेड, उपकरण सभी जलकर हुए खाक
ICU में लगी आग कितनी खतरनाक थी, वो वहां की तस्वीरें बयां कर रही है. आग से ICU के बेड, उपकरण व अन्य सभी सामान जल गए. हॉस्पिटल के ICU में लगी आग से और भी कई मरीजों की मौत हो सकती थी, यदि समय रहते 95 साल की एक वृद्धा नहीं चेतती. दरअसल इस 95 साल की यह बुर्जुग महिला उसी ICU में भर्ती थी, जहां आग लगी.

खुद से ऑक्सीजन मास्क हटाकर बाहर निकली दादी
95 साल की इस दादी ने ICU में धुआं फैलते ही सबसे खुद से अपने मुंह से ऑक्सीजन मास्क हटाया और तुरंत उठकर बाहर निकली. फिर उन्होंने नर्स को आईसीयू में आग लगने की सूचना दी. जिसके बाद तुरंत हॉस्पिटल प्रशासन के लोग एक्टिव हुए, वहां मरीजों को बाहर निकाला गया. अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई.
धुआं फैलते हम बाहर निकलली और मैडम के बतइली...
95 साल की यह बुर्जुग महिला मुजफ्फरपुर के छपरा मेघ की रहने वाली है. इनका नाम राधा देवी है. उनके साथ मौजूद परिजनों ने बताया कि इस बीपी और सांस लेने में तकलीफ के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. राधा ने लोकल बज्जिका भाषा में बताया कि आग लगते अंधेरा हो गया. आग कइसे लगलई इ हम कईसे बताऊं. धुआं फैलते हम बाहर निकलली और मैडम के बतइली, तब मैडम (नर्स) अंदर जाकर देखलई.

मुजफ्फरपुर प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में लगी आग के बारे बताती वहां भर्ती 95 साल की दादी राधा देवी.
साढे़ 3 बजे लगी आग, 3.55 में अग्निशमन विभाग को दी गई सूचना
वहां मौजूद लोगों ने बताया कि राधा देवी ने यदि समय रहते नर्स को नहीं बताया होता तो हताहतों की संख्या और बढ़ सकती थी. राधा देवी के साथ मौजूद परिजन ने आग रात 3.30 बजे के आस-पास लगी. धुआं फैलते लोगों को बताया गया. फिर 3.55 बजे अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई.
अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने बताया 15-20 लोगों को निकाला
मुजफ्फरपुर के अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रामनिवास पांडे ने बताया कि 3.55 बजे आग लगने की सूचना मिली. जिसके बाद हम लोग अपनी टीम लेकर वहां पहुंचे. आग पर काबू पाते हुए वहां भर्ती 15-20 लोगों सुरक्षित निकाला. दो की मौत यहां स्पॉट पर हो गई थी. दो अन्य मरीजों की मौत की जानकारी बाद में सामने आई.
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