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मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में मरने वालों की संख्या पहुंची 7, गिरफ्तार 3 अस्पताल कर्मियों को मिली बेल

प्राथमिकी दर्ज होते ही ब्रह्मपुरा थाना की पुलिस ने तत्काल मामले में कार्रवाई करते हुए प्रसाद हॉस्पिटल के तीन कर्मियों को गिरफ्तार किया था. लेकिन अब उनकी जमानत हो गई.

मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में मरने वालों की संख्या पहुंची 7, गिरफ्तार 3 अस्पताल कर्मियों को मिली बेल
मुजफ्फपुर अस्पताल अग्निकांड (NDTV)
Bihar News:

मुजफ्फरपुर में 4 जून की सुबह ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में स्थित प्रसाद नर्सिंग होम के पांचवें फ्लोर पर ICU में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी. इस घटना में पहले 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी. वहीं अब मरने वालों की संख्या 7 पहुंच चुकी है. इसके अलावा 17 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में अभी भी इलाज चल रहा है. जो जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. वहीं, पूरे घटनाक्रम को लेकर पक्ष विपक्ष आमने-सामने है. लगातार विपक्ष अस्पताल के व्यवस्थाओं को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ सरकार के लोग पूरे मामले को लेकर सख्त कार्रवाई की बात कर रहे है.

बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई में घटना को लेकर अस्पताल के 3 कर्मियों को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन अब उन कर्मियों को बेल भी मिल गई है. जिसके बाद कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं.

घटना के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी

पूरे घटनाक्रम के बाद तिरहुत रेंज के कमिश्नर गिरवल दयाल यह घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे घटनाक्रम को लेकर अस्पताल प्रबंधक और दोषी कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था. जिसके बाद अग्निशमन विभाग के अधिकारी द्वारा दिए गए आवेदन के आलोक में ब्रह्मपूरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई.

पुलिस ने तीन अस्पताल कर्मियों को किया गिरफ्तार

मामले में प्राथमिकी दर्ज होते ही ब्रह्मपुरा थाना की पुलिस ने तत्काल मामले में कार्रवाई करते हुए प्रसाद हॉस्पिटल के तीन कर्मियों को गिरफ्तार किया था. लेकिन इन तमाम बातों के बीच सबसे बड़ी बात यह थी कि जिस अस्पताल के लापरवाही के कारण अभी तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. और उस मामले में गिरफ्तार तीनों अस्पताल कर्मी को 24 घंटे के अंदर जमानत मिल गई. जिसके बाद अब पूरे कार्रवाई को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.

चर्चा है की जिस अस्पताल के लापरवाही से सात लोगों की मौत हो गई उस मामले में गिरफ्तार कर्मी को 24 घंटे के अंदर कैसे जमानत मिल गई. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या एफआईआर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति तो नहीं? क्या उन सात जिंदगियों को जिनकी मौत हो गई उनको न्याय मिलेगा या फिर जैसे-जैसे आगे की लहक धीमी पड़ती जाएगी वैसे-वैसे जांच का दायरा भी समाप्त हो जाएगा.

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