सिंगापुर में करीब डेढ़ करोड़ रुपए कीमत का हीरा चुराने की साजिश को लगभग अंजाम दे देने वाले दो भारतीय नागरिकों में से एक को जेल की सजा सुनाई गई है. वहीं, दूसरे आरोपी के मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी. 41 साल के मंगरोलिया मनोजकुमार कुर्जीभाई ने चोरी के इस मामले में अपना जुर्म कबूल कर लिया है. इसके बाद उसे 17 जुलाई को अदालत ने 2 साल, 2 महीने और 2 हफ्ते की जेल की सजा सुनाई. चोरी की साजिश में उसके पार्टनर 30 साल के सेरासिया मिलन रमणिकभाई की सजा पर सुनवाई शुक्रवार को होगी. इन दोनों ने जिस तरह चोरी की प्लानिंग बनाई थी, और उसे लगभग अंजाम ही दे दिया था, वह खुद में हैरत में डालती है.
सूरत में बनवाया नकली हीरा... सिंगापुर में चुराया असली हीरा
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने प्लानिंग बिल्कुल फिल्मी स्टाईल में की थी. ये दोनों एक कॉमन दोस्त के जरिए मिले थे और सोशल विजिट पास पर सिंगापुर पहुंचे थे. सिंगापुर जाने से पहले दोनों ने सूरत में एक नकली हीरा बनवाया था, जिसे उसी आकार, वजन और सीरियल नंबर के मुताबिक तैयार किया गया था, जैसा हीरा वे चुराने वाले थे. प्लान बनाया कि एक आरोपी दुकान के कर्मचारी का ध्यान भटकाएगा, जबकि दूसरा 4.95 कैरेट के असली हीरे की जगह नकली हीरा रख देगा और असली हीरे को अपने मुंह में छिपा लेगा. दोनों ने यह कर भी लिया. लेकिन दोनों सिंगापुर से उड़ान भरकर भाग पाते, उससे पहले ही पकड़ लिए गए.
दोनों 19 जून 2026 को चांगी एयरपोर्ट के रास्ते सिंगापुर पहुंचे. उनका इरादा चाइनाटाउन की डायानोशे ज्वेलरी दुकान से 1.54 लाख अमेरिकी डॉलर कीमत का 4.95 कैरेट का हीरा चुराने का था. दोपहर करीब 3 बजे दोनों दुकान में पहुंचे और हीरा देखने की मांग की. इसके बाद मनोजकुमार ने सेल्स मैनेजर का ध्यान दुकान में रखी दूसरी चीजों की ओर भटकाया. इसी दौरान उसने मिलन को इशारा किया. मिलन ने अपने मुंह से नकली हीरा निकाला और असली हीरे से बदल दिया.
इसके बाद दोनों अपने होटल लौटे, तय समय से पहले चेक-आउट किया और उसी शाम भारत लौटने की फ्लाइट बुक कर ली. लेकिन रात करीब 8:50 बजे, जब दोनों चांगी एयरपोर्ट टर्मिनल-3 पर इमिग्रेशन पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. असली हीरा मिलन के बैग से बरामद हुआ.
मनोजकुमार पर 20 जून को आरोप तय किए गए और तब से वह न्यायिक हिरासत में था.
मेरे दो बच्चे हैं....
सरकारी पक्ष ने दोनों को कितनी सजा दी जाए, यह बात अदालत पर छोड़ दी. सरकारी वकील यिप चेंग यी ने कहा कि इस मामले में कई गंभीर बातें थीं, जिनमें सबसे बड़ी यह थी कि दोनों सिर्फ चोरी करने के इरादे से सिंगापुर आए थे. उन्होंने कहा, "यह अपराध पहले से पूरी योजना बनाकर किया गया था. आरोपी ने नकली हीरा बनवाया और मिलन के साथ मिलकर चोरी की और पकड़े जाने से बचने की कोशिश की."
सजा कम करने की अपील करते हुए मनोजकुमार ने ट्रांसलेटर के जरिए अदालत से कहा कि भारत में उसके दो बच्चे हैं, इसलिए उसे कम सजा दी जाए. सिंगापुर के कानून के मुताबिक, किसी इमारत के अंदर चोरी करने के मामले में 7 साल तक की जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं.
(इनपुट- पीटीआई)
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