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ब‍िहार: सरकारी अस्पताल छोड़ प्राइवेट ICU में दे रहे थे सेवा, मुजफ्फरपुर अग्निकांड में डॉक्टर की खुली पोल 

जिस प्राइवेट अस्‍पताल में सेवा दे रहे थे, वहां भी लापरवाही म‍िली. पुल‍िस ने उन्हें ग‍िरफ्तार क‍िया, लेक‍िन कोर्ट से जमानत मिल गई. 

ब‍िहार: सरकारी अस्पताल छोड़ प्राइवेट ICU में दे रहे थे सेवा, मुजफ्फरपुर अग्निकांड में डॉक्टर की खुली पोल 
सरकारी डॉक्टर पंकज कुमार की प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में ड्यूटी लगी थी. (Photo- NDTV)

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक प्राइवेट अस्पताल में लगी आग के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. गुरुवार (4 जून) सुबह ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई. जांच में सामने आया कि बंदरा पीएचसी में तैनात सरकारी डॉक्टर पंकज कुमार अपनी आधिकारिक ड्यूटी छोड़कर इस प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू की कमान संभाल रहे थे. हादसे के वक्त भी वह अपनी जिम्मेदारी से नदारद पाए गए. लापरवाही के इस मामले में ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया, हालांकि बाद में कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई. मामला संज्ञान में आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटी गई है. 

डॉक्टर ICU में कर रहे थे डॉक्टर 

अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है क‍ि किस परिस्थिति में बंदरा पीएचसी में कार्यरत सरकारी डॉक्टर पंकज कुमार हादसे के वक्त प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में ड्यूटी कर रहे थे. बंदरा पीएचसी का अटेंडेंस रजिस्टर को भी देखा जा रहा है, और जांच के बाद अगर यह दोषी पाए जाते हैं तो इनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

SDM तुषार कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि सरकारी डॉक्टर पंकज कुमार प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू में ड्यूटी कर रहे थे. सिविल सर्जन से कार्रवाई के लिए कहा गया है. जो भी उचित कार्रवाई होगी किया जाएगा. 

3 लोग हुए थे गिरफ्तार  

4 जून को ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में स्थित प्रसाद नर्सिंग होम के पांचवें फ्लोर पर ICU में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी. इस घटना में पहले 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी. इसके अलावा 17 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में अभी भी इलाज चल रहा है. पुलिस की कार्रवाई में घटना को लेकर सरकारी डॉक्टर पंकज कुमार सहित अस्पताल के 3 कर्मियों को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन अब उन कर्मियों को बेल भी मिल गई है. जिसके बाद कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं.

थाने में दर्ज हुआ था केस 

घटनाक्रम के बाद तिरहुत रेंज के कमिश्नर गिरवल दयाल यह घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे घटनाक्रम को लेकर अस्पताल प्रबंधक और दोषी कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था. जिसके बाद अग्निशमन विभाग के अधिकारी द्वारा दिए गए आवेदन के आलोक में ब्रह्मपूरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई.

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