पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल नहीं मिलाया जाएगा. मौजूदा समय में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया जा रहा है, जिसे E20 फ्यूल कहा जाता है. केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने को लेकर सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है. पहले सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चाएं हो रही थीं, अटकलें लगाई जा रही थीं कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20 से बढ़ाकर 22%, 25% या 30% की जाएगी और जल्द ही पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग एथेनॉल ब्लेंड पेट्रोल मिलेंगे. अब देश में पेट्रोल के साथ एथेनॉल मिलाने की सीमा को लेकर चल रही तमाम अटकलों और चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने फिलहाल विराम लगा दिया है.
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल के मिश्रण (Ethanol Blending) को मौजूदा 20% (E20) की सीमा से आगे बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
अगर भविष्य में विचार हुआ भी तो...
संसद में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि भविष्य में यदि एथेनॉल मिश्रण को 20% से अधिक बढ़ाने पर कोई विचार किया भी जाता है, तो काफी रिसर्च के बाद किया जाएगा. उन्होंने कहा, ऐसा वैज्ञानिक परीक्षणों, तकनीकी अध्ययनों के अलावा ऑटोमोबाइल कंपनियों (Automobile Manufacturers), तेल कंपनियों (OMCs) और रिसर्च इंस्टीट्यूट्स के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद ही संभव होगा.
1.5% से शुरू हुआ सफर, 2026 में पहुंचा 20% पर
संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, भारत में पेट्रोल के साथ एथेनॉल मिलाने का सफर कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है. यह एक चरणबद्ध और साक्ष्य-आधारित (Evidence-Based) प्रक्रिया रही है. मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक,
- 2013-14 में औसत एथेनॉल मिश्रण केवल ~1.53% था.
- 2021-22 में यह बढ़कर ~10% के स्तर पर पहुंचा.
- 2023-24 में एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़कर ~14.6% हुई.
- 2024-25 में मिश्रण का स्तर ~19.2% तक पहुंचा.
2025-26 (नवंबर से जून): देश ने सफलतापूर्व 20% (E20) एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया.
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