मुंबई में फिल्मी स्टाइल में फर्जी IT रेड डालकर 1 करोड़ रुपये की उगाही करने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है. अंधेरी पुलिस ने 10 लोगों के एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है, जिसने खुद को आयकर विभाग और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर एक कारोबारी को निशाना बनाया. हैरानी की बात यह है कि इस गिरोह में दो असली आयकर अधिकारी भी शामिल पाए गए.
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता राजकुमार कंडासामी (49) के यहां संतोष उदय खोपटकर (37) ड्राइवर के रूप में काम करता था. वेतन को लेकर विवाद के बाद संतोष को नौकरी से निकाल दिया गया था. आरोप है कि उसे छह महीने की बकाया सैलरी नहीं मिली थी, जिसके बाद उसने बदला लेने की योजना बनाई. संतोष ने अपने परिचितों में से छह पुरुषों और तीन महिलाओं को साथ लेकर एक गैंग तैयार किया. सभी ने खुद को आयकर विभाग और क्राइम ब्रांच के अधिकारी बताकर कारोबारी के कार्यालय में फर्जी छापा मारने की साजिश रची.
कारोबारी और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया
गिरोह के सदस्य फर्जी पहचान पत्रों के साथ सीधे शिकायतकर्ता के ऑफिस पहुंचे. आरोप है कि उन्होंने कारोबारी और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया, कार्यालय में मौजूद 10 कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए और किसी को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी. इसके बाद गैंग ने कथित तौर पर धमकी दी कि जल्द ही आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई होने वाली है और उससे बचना है तो 1 करोड़ रुपये देने होंगे.
घटना से घबराए कारोबारी ने किसी तरह पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया. जांच आगे बढ़ने पर एक बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल दो व्यक्ति वास्तव में आयकर विभाग में कार्यरत अधिकारी निकले, जिन्होंने कथित तौर पर इस फर्जी छापे की योजना में मदद की थी. अंधेरी पुलिस ने इस मामले में सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, आरोपियों की भूमिका और फर्जी छापे की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है.
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