देश में मौसम ने एक साथ कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं. एक तरफ मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के ज्यादातर हिस्से भीषण हीटवेव की चपेट में हैं, तो दूसरी ओर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में यह दोहरी स्थिति और तेज हो सकती है, जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून भी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है.
लू का कहर, कई राज्यों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य भारत में अगले 7 दिनों तक भीषण लू से लेकर खतरनाक हीटवेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है. वहीं पूर्वी भारत और उससे सटे उत्तरी इलाकों में 23 से 26 मई तक गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा. उत्तर-पश्चिम भारत में भी 24 से 29 मई के बीच एक बार फिर लू का असर बढ़ने वाला है. खासतौर पर विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गंभीर गर्मी दर्ज की गई है. इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश, दक्षिणी हरियाणा, उत्तरी तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पश्चिमी झारखंड और आंतरिक उड़ीसा के हिस्सों में भी हीटवेव की स्थिति देखी गई.
सूखी, झुलसा देने वाली हवाओं और लगातार पड़ रही भीषण गर्मी ने दिल्ली को भट्टी में बदल दिया. राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, और अब शहर को आने वाले हफ्ते में भीषण गर्मी के लंबे दौर का सामना करना पड़ सकता है. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग स्थित मुख्य केंद्र पर अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है; वहीं न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा.
बारिश का अलर्ट: दक्षिण और पूर्वोत्तर में तेज गतिविधि
दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी है. केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक जोरदार बारिश की संभावना जताई गई है. पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा के साथ ही पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में भी अगले 4-5 दिनों में भारी बारिश हो सकती है. पिछले 24 घंटे में भी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम-मेघालय में भारी बारिश दर्ज हुई, जबकि बिहार, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के कुछ इलाकों में भी जोरदार वर्षा हुई.
तेज हवाएं, ओलावृष्टि और आंधी का असर
मौसम में अस्थिरता के चलते कई राज्यों में तेज आंधी और ओलावृष्टि भी देखने को मिली. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में ओलाबारी दर्ज की गई. वहीं 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं उत्तराखंड, हिमाचल, महाराष्ट्र, पंजाब, असम, मेघालय और ओडिशा में चलीं. बिहार, तेलंगाना, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और झारखंड में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलीं.
मानसून की रफ्तार पर क्या अपडेट
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने भी अपनी रफ्तार पकड़ ली है. यह दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है. इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व और मध्य हिस्सों में मानसून सक्रिय हो रहा है. अंडमान सागर के अधिकांश हिस्सों को भी यह कवर कर चुका है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं.
तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में फिलहाल तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं है, लेकिन 27 मई तक इसमें 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है. 28-29 मई को बारिश और ठंडी गतिविधियों के कारण तापमान में गिरावट संभव है. पहाड़ी इलाकों में 27 मई तक 4 से 6 डिग्री तक तापमान बढ़ सकता है. वहीं पूर्वी भारत में 26 मई तक स्थिति सामान्य रहने के बाद 27 से 29 मई के बीच हल्की गिरावट देखी जा सकती है.
चेतावनी: रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
IMD ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के लिए सीवियर हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा और उत्तरी तेलंगाना के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है. वहीं भारी बारिश को लेकर पूर्वोत्तर राज्य, केरल, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार और कर्नाटक के कुछ हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की गई है.
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लू लगने का खतरा बढ़ गया है.
- ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, भले ही प्यास न लगे
- दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें
- हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें
- बाहर निकलते समय सिर ढकें और टोपी या छाता इस्तेमाल करें
- विशेष रूप से शिशुओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.
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