भारत में मॉनसून की विदाई के दौर में मेहरबान दिख रहा है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत इन राज्यों में भारी बारिश हो रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार,मॉनसून की वापसी में हो रही देरी में के पीछे मौसमी कारण हैं. सामान्यतया सितंबर के दूसरे-तीसरे हफ्ते से मॉनसून लौटना शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है.उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी राज्यों में अगले 48 घंटों में भारी बारिश की आशंका है. पूर्वांचल और लखनऊ-कानपुर समेत सेंट्रल यूपी में भी भारी बारिश का अलर्ट है. तीन वजहों से मॉनसून के लौटने में देरी हो रही है.
सितंबर के आखिरी में बारिश के 3 कारण
- बंगाल की खाड़ी में लगातार कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवाती हवाओं का असर है और ये वेदर सिस्टम नमी लेकर मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रहा है. इससे मॉनसून वापसी की बजाय इस वक्त भी लगातार बारिश हो रही है.
- कम बारिश के लिए जिम्मेदार अल नीनो को कमजोर करने वाला ला नीना की मौसमी परिस्थितियां प्रशांत महासागर में सक्रिय हैं. इससे भारत में मॉनसून की अवधि लंबी हो गई है. सितंबर के अंत तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जाती है.
- बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूरब की नम हवाएं और उत्तर-पश्चिम भारत से चलने वाली ठंडी, शुष्क पश्चिमी हवाओं का आपस में महामिलन हो रहा है. इस टकराव से मध्य और पूर्वी भारत में घने बादलों का निर्माण हो रहा है जो भारी बारिश की वजह बन रहे हैं.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वी उत्तर प्रदेश में गोरखपुर, बस्ती, महाराजगंज, प्रयागराज-वाराणसी के साथ मध्य उत्तर प्रदेश में लखनऊ, कानपुर में भी अगले 3 से 4 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. जबकि नोएडा, गाजियाबाद, हापुड समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश दिखेगी. दिल्ली में भी अगले कुछ दिनों तक बादल छाये रहने के साथ हल्की फुहारें देखने को मिलेंगी.पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 से अधिक जिलों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी.

Weather Today Rain Alert
उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी राज्यों में अगले 48 घंटों में भारी बारिश की आशंका है. शिमला, मनाली से लेकर पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चंपावत जैसे जिलों में बारिश की चेतावनी है. पूर्वी राजस्थान भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, अलवर, दौसा, जयपुर, टोंक, कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जैसे जिलों में भी बारिश होगी. जबकि
पश्चिमी राजस्थान से मॉनसून की विदाई हो चुकी है.उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में तो भारी बारिश के रेड, ऑरेंज अलर्ट जारी है. देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, पौड़ी, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जैसे जिलों में अगले 48 से 72 घंटों के लिए रेड अलर्ट है. कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश की चेतावनी है. पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और अल्मोड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट रहेगा.
Weather Systems, Forecast and Warnings :
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 26, 2026
The Depressionover Northeast Madhya Pradesh & adjoining north Chhattisgarh moved north-northwestwards with a speed of 13 kmph during past 06 hours and lay centered at 0830 hrs IST of today, the 26th September 2026 over the same region,… pic.twitter.com/RPbjL0P9p1
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश
बंगाल की खाड़ी से आ रहे सिस्टम के कारण पूरे मध्य प्रदेश खासकर पूर्वी और उत्तरी जिलों जैसे रीवा, जबलपुर, सागर और ग्वालियर संभाग में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है. छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अगले 3 दिनों तक मॉनसून सक्रिय रहेगा. कई जिलों में बिजली गिरने के साथ मध्यम से भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी है.

बिहार-झारखंड, बंगाल-ओडिशा में एक्टिव मॉनसून
बिहार में अगले 3-4 दिन बेहद मॉनसून एक्टिव रहेगा. नेपाल से सटे इलाकों और उत्तर बिहार के जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी में भारी से बेहद भारी बारिश का पूर्वानुमान है. कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है. झारखंड में रांची, धनबाद, गुमला, जमशेदपुर जैसे जिलों में भी भारी बारिश होगी. कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका है. ओडिशा के तटीय जिलों और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश जारी रहेगी.
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