- कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा छोड़ने की अटकलों को खारिज किया है और पार्टी में बने रहने का संकेत दिया है
- उन्होंने अपनी उम्र के बावजूद राजनीतिक सक्रिय रहने और जज्बा बनाए रखने की बात कही, साथ ही मोरारजी का उदाहरण दिया
- कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने लंबे अनुभव का हवाला देते हुए विचारों को स्पष्ट करने को अपना कर्तव्य बताया
पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह अब भी राजनीतिक तौर पर सक्रिय रहना चाहते हैं और उनमें जज्बा बाकी है. उन्होंने भाजपा छोड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मेरी कुछ बातों को लेकर असहमति थी और इसे जता दिया, लेकिन इसका अर्थ यही नहीं है कि मैं पार्टी छोड़ रहा हूं. उन्होंने यह भी कहा कि मेरा थोड़ा मुश्किल वक्त चल रहा है. हालांकि यह बताने से इनकार कर दिया कि वे किन मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. अपनी उम्र को लेकर भी उन्होंने मजेदार बात की. उन्होंने कहा कि मैं 84 साल का हूं, लेकिन बहुत ज्यादा उम्र नहीं है. उन्होंने मोरारजी देसाई का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी उम्र में मोरारजी देसाई पीएम बन गए थे.
पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी की याद में प्रकाशित पुस्तक 'बिशन विद लव' की लॉन्चिंग के मौके पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ये बातें कहीं. उन्होंने कहा, 'मैं 84 साल का हूं, लेकिन मोरारजी देसाई भी 92 के थे...' इस दौरान जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर से पंजाब के मुख्यमंत्री बनें. इसके अलावा सीएम उमर अब्दुल्ला, पूर्व क्रिकेटर कपिल देव, सैयद किरमानी और मदन लाल जैसे क्रिकेटर भी आयोजन में थे.
पीटीआई के अनुसार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'क्रिकेट जेंटलमेन गेम है. इस खेल को हमेशा बढ़ावा मिलना चाहिए. आज देश में जो कुछ भी हो रहा है, उसके बारे में मुझसे ज्यादा डॉक्टर साहब आपको बता सकते हैं. हम एक मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं और हमें यहां लोगों की जरूरत है.' इसके आगे तंज भरे अंदाज में कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि मैं तो पहले से ही मुश्किल में हूं. मेरे बारे में कोई चिंता न करें. इसके बाद उनसे भाजपा से नाराजगी को लेकर सवाल किया गया. इस पर कैप्टन अमरिंदर ने कहा, 'मैंने पंजाब की राजनीति में 60 साल गुजारे हैं. कुछ लोग हमारे बाद आए और एक साल से यहां नहीं हैं. हमने इन वर्षों में पंजाब के हालातों को देखा, लेकिन उन्होंने हमसे पूछा तक नहीं.'
भाजपा से नाराजगी के सवाल पर कैप्टन अमरिंदर ने कहा, 'यह मेरा कर्तव्य है कि मैं अपने विचारों से अवगत कराऊं. मैंने यह नहीं कहा कि मैं कांग्रेस या फिर भाजपा में प्रासंगिक नहीं रहा. दल बदलते रहते हैं. मैं कांग्रेस में था और फिर अकाली दल में चला गया. ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर ऐसा फैसला हुआ था और फिर कांग्रेस में वापस आ गया. इसका यह मतलब नहीं है कि मैं अब पार्टी छोड़ दूंगा और किसी अन्य दल में चला जाऊंगा.' इसलिए विचारों से अवगत कराना मेरी जिम्मेदारी है. बता दें कि ऐसी चर्चाएं हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा छोड़कर दोबारा कांग्रेस में जा सकते हैं.
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