
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के मियागी प्रांत में स्थित सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा किया.
- मोदी और जापान पीएम ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना पर सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया था
- तोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी कंपनी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग का प्रमुख केंद्र बनकर उभरी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जापान के मियागी प्रांत के सेंडाई में स्थित एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा करने के लिए शिंकानसेन बुलेट ट्रेन से यात्रा की. यह यात्रा ऐसे समय में की गई है जब एक दिन पहले ही दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया था.
मोदी की जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ तोक्यो से 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित सेंडाई तक बुलेट ट्रेन की यात्रा को मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना के प्रति दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है. शुक्रवार को अपनी शिखर वार्ता में दोनों प्रधानमंत्रियों ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के महत्व को रेखांकित किया था तथा भारत में नवीनतम शिंकानसेन प्रौद्योगिकी को लागू करने के अलावा, इसके परिचालन को जल्द से जल्द शुरू करने पर सहमति व्यक्त की.

सेंडाई में इशिबा ने मोदी के सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन किया, जिसमें मियागी प्रांत के गवर्नर और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए. एक विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी की तोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड (टीईएल मियागी) की यात्रा ने भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और इस क्षेत्र में जापान की ताकत के बीच संबंध को उजागर किया. सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अग्रणी जापानी कंपनी टीईएल मियागी की भारत के साथ सहयोग की योजना है.
टीईएल मियागी की अपनी यात्रा के बाद, मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र भारत-जापान सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र है. उन्होंने ‘एक्स' पर कहा, ‘प्रधानमंत्री इशिबा और मैंने तोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्टरी का दौरा किया. हम प्रशिक्षण कक्ष, उत्पादन नवाचार प्रयोगशाला गए और कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत की. सेमीकंडक्टर क्षेत्र भारत-जापान सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र है.'

उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने इस क्षेत्र में काफी प्रगति की है. बहुत से युवा भी इससे जुड़ रहे हैं. हम आने वाले समय में भी इस गति को जारी रखना चाहते हैं.' मोदी को वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र में टीईएल की भूमिका, इसकी उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और भारत के साथ इसके नियोजित सहयोग के बारे में जानकारी दी गई.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा से नेताओं को सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, निर्माण और परीक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच मौजूद अवसरों की व्यावहारिक समझ मिली. इसने कहा कि मोदी और इशिबा की संयुक्त यात्रा ने मजबूत, लचीली और विश्वसनीय सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के भारत और जापान के साझा दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया.

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा में शामिल होने के लिए जापान के प्रधानमंत्री इशिबा की प्रशंसा की तथा इस रणनीतिक क्षेत्र में जापान के साथ मिलकर काम करने की भारत की तत्परता की पुष्टि की.' मोदी और इशिबा ने शुक्रवार को व्यापक चर्चा की, जिसमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया. मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय यात्रा पर तोक्यो पहुंचे थे.
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