- केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्द बड़े फेरबदल की संभावना है जिसमें कुछ मौजूदा मंत्री हट सकते हैं.
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री से मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री बनने की अफवाहों का खंडन किया है.
- शिव सेना के सांसदों की संख्या बढ़ने पर उनकी पार्टी को मंत्रिमंडल में एक मंत्री पद मिलने की संभावना है.
केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्द ही बडे फेरबदल की संभावना जताई जाती रही है. कई मौजूदा चेहरे हट सकते हैं. कुछ के मंत्रालय बदले जा सकते हैं और कुछ नए नाम मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं. ऐसे में कुछ नामों को लेकर महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गयी है कि मोदी उन्हें अपनी टीम में ले सकते हैं. ये नाम एनडीए के घटक दल शिव सेना और एनसीपी से हैं.
सोमवार को जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस PM मोदी से मिलने अचानक दिल्ली पहुंचे तो चर्चा का बाजार गर्म हो गया. कयास लगाने जा रहा कि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद फडणवीस ने साफ कर दिया कि वे महाराष्ट्र में ही रहेंगे और फिलहाल उनके दिल्ली जाने की कोई संभावना नहीं है. तो ये स्पष्ट हो गया कि फडणवीस नये मंत्रिमंडल में नहीं होंगे. लेकिन महाराष्ट्र की सियासत के कुछ नाम ऐसे हैं जो कि जल्द मंत्रीपद की शपथ लेते दिखाई दे सकते हैं.
शिंदे की पार्टी को एक और मंत्रीपद मिलेगा?
एनडीए सरकार में घटक दलों को मंत्रीपद देने के लिये फार्मूला अपनाया गया 7 लोकसभा सांसदों पर एक मंत्रीपद का. इस आधार पर मोदी मंत्रीमंडल में एकनाथ शिंदे की शिव सेना के एक ही मंत्री हैं प्रतापराव जाधव. बीते महीने ऑपरेशन टाईगर के तहत एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे की शिव सेना से 6 और सांसदों को तोड़ कर अपने पाले में ले आए. इस तरह से उनके सांसदों की संख्या बढ गयी और इसी के साथ मोदी मंत्रिमंडल में अतिरिक्त मंत्रीपद के लिये दावा भी मजबूत हो गया. चूंकि अब शिंदे के पास सांसदों की संख्या (7+6) तेरह हो चुकी है, इसलिये उनकी पार्टी को एक और मंत्रीपद मिलेगा. एकनाथ शिंदे की ओर से उनके बेटे श्रीकांत शिंदे का नाम प्रस्तावित किया जा सकता है. मौजूदा मंत्री प्रतापराव जाधव का नाम हटाकर भी शिंदे उद्धव ठाकरे की पार्टी से आये किसी सांसद का नाम मंत्रीपद के लिये आगे कर सकते हैं.
अब एनसीपी राज्यमंत्री पद लेने को तैयार
एनसीपी का फिलहाल मोदी मंत्रिमंडल में कोई मंत्री नहीं है, क्योंकि लोकसभा में उसका सिर्फ एक ही सांसद है. सरकार बनने पर बीजेपी की ओर से एक राज्यमंत्री पद की पेशकश की गयी थी. लेकिन एनसीपी ने ये पेशकश ठुकरा दी और कहा कि लेंगे तो कैबिनेट मंत्री पद ही लेंगे. बताया जाता है कि अब एनसीपी राज्यमंत्री पद लेने को तैयार हो गयी है. सस्पेंस इस बात को लेकर है कि ये राज्यमंत्री पद कौन लेगा? दो लोंगो के नाम चर्चा में हैं - प्रफुल्ल पटेल और अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार. प्रफुल्ल पटेल यूपीए सरकार के कार्यकाल में लंबे वक्त तक कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. ऐसे में राज्यमंत्री पद को अपने लिये डिमोशन बताकर वे मना कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में पार्थ पवार को ये पद मिल सकता है जो कुछ महीने पहले ही राज्य सभा के सांसद बने हैं.
मोदी मंत्रिमंडल में फिलहाल महाराष्ट्र से 6 मंत्री हैं, जिनमें चार बीजेपी, एक शिव सेना का और एक आरपीआई का है. बीते कुछ दिनों से चर्चा चल रही है कि शरद पवार की एनसीपी भी देर सबेर एनडीए में शामिल हो सकती है. अगर ये घटनाक्रम मंत्रिमंडल विस्तार से पहले होता है तो एनसीपी (एसपी) को भी एक मंत्रिपद मिल सकता है. ऐसी स्थिति में सुप्रिया सुले का नाम सबसे आगे चल रहा है, हालांकि शरद पवार ने बयान दिया है कि उनकी पार्टी एनडीए का हिस्सा नहीं बनेगी.
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