- भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बालियंता में एक सड़क दुर्घटना के बाद भीड़ ने कॉन्स्टेबल की हत्या कर दी
- सौम्य रंजन स्वैन और उनके दोस्त ओम प्रकाश राउत की बाइक की टक्कर दो महिलाओं की स्कूटी से हुई थी और आरोप लगे थे
- भीड़ ने दोनों को पेड़ से बांधकर लकड़ी के तख्तों और लाठियों से बेरहमी से पीटा, जिससे स्वैन की मौत हो गई
Mob Lynching Odisha: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बालियंता (भिंगारपुर) में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. एक सड़क दुर्घटना के बाद भीड़ ने मॉब लिंचिंग करते हुए GRP कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन स्वैन की पीट-पीटकर हत्या कर दी. इस मामले में पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
मॉब लिंचिंग के बाद विपक्ष हमलावर: "ओडिशा में कानून का डर खत्म, हालात तालिबानी"
GRP कॉन्स्टेबल की मॉब लिंचिंग ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है. कांग्रेस और बीजेडी (BJD) ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है:
कांग्रेस का प्रहार: पार्टी प्रवक्ता सोनाली साहू ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. भीड़ सरेआम कानून हाथ में ले रही है, जिससे ओडिशा के हालात 'तालिबानी' जैसे होते जा रहे हैं.

Mob Lynching Odisha: कांग्रेस प्रवक्ता सोनाली साहू.
BJD के गंभीर आरोप: वरिष्ठ नेता भृगु बक्षीपात्रा ने कहा कि दिनदहाड़े और कथित तौर पर पुलिस की मौजूदगी में जवान की हत्या विचलित करने वाली है. पिछले दो सालों में गंजम में गर्भवती महिला की हत्या और पुरी में युवक को कुचलने जैसी घटनाएं बताती हैं कि अपराधियों में अब कानून का कोई खौफ नहीं बचा है.

Mob Lynching Odisha: BJD वरिष्ठ नेता भृगु बक्षीपात्रा.
पुलिस की भूमिका पर सवाल: वारदात के समय वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति ने पुलिस के 'रिस्पॉन्स मैकेनिज्म' की पोल खोल दी है. सवाल उठ रहे हैं कि जब हिंसा हो रही थी, तब आला अफसर मौके पर क्यों नहीं पहुंचे?
बड़ी मांग: घटना के बाद अब न केवल भीड़ की हिंसा, बल्कि पुलिस की कथित लापरवाही की भी उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है.
ओडिशा मॉब लिंचिंंग मामला क्या है?
गुरुवार को बालीआंत थाना क्षेत्र के भिंगारपुर में कटक में तैनात GRP कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन स्वैन अपने दोस्त ओम प्रकाश राउत के साथ बाइक से जा रहे थे. आरोप है कि उनकी बाइक की टक्कर दो महिलाओं की स्कूटी से हो गई. इसके बाद महिलाओं ने उन पर छेड़छाड़ और जानबूझकर कुचलने की कोशिश का आरोप लगाया.
पेड़ से बांधकर की गई बर्बरता
महिलाओं के शोर मचाने पर वहां भारी भीड़ जमा हो गई. आरोप है कि आक्रोशित भीड़ ने पुलिस को सूचना देने के बजाय कानून हाथ में ले लिया. भीड़ ने कॉन्स्टेबल स्वैन और उनके दोस्त राउत को पेड़ से बांध दिया और लकड़ी के तख्तों व लाठियों से उनकी बेरहमी से पिटाई की. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. गंभीर रूप से घायल स्वैन को कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. राउत की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है.
पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया
पुलिस ने इस मामले में दो FIR दर्ज की हैं. पहली FIR महिलाओं की शिकायत पर स्वैन और राउत के खिलाफ है, जबकि दूसरी हत्या की FIR स्वैन के परिजनों की शिकायत पर दर्ज की गई है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए DGP को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. वहीं, विपक्ष (बीजेडी और कांग्रेस) ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे 'तालिबानी शासन' करार दिया है. स्थानीय पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम और वरिष्ठ अधिकारियों की देरी से पहुँचने पर भी सवाल उठ रहे हैं.
ये भी पढ़ें- Mob Lynching: GRP जवान को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला, साथी घायल; स्कूटी सवार दो युवतियों से यौन उत्पीड़न का था आरोप
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं