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बांटने की कोशिश, पर्दाफाश करूंगी... SIR के बाद लिस्ट से वोटर्स के नाम हटाने पर भड़कीं ममता

West Bengal News: निर्वाचन आयोग द्वारा 28 फरवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से लगभग 63.66 लाख लोगों यानी लगभग 8.3 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जिससे मतदाता आधार लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ा अधिक रह गया है. ममता इन पर हमलावर हैं.

बांटने की कोशिश, पर्दाफाश करूंगी... SIR के बाद लिस्ट से वोटर्स के नाम हटाने पर भड़कीं ममता
बीजेपी पर ममता बनर्जी का आरोप.
  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूचियों से नाम हटाने को राज्य विभाजन की साजिश बताया
  • ममता ने भाजपा पर बंगाल के बांग्ला भाषी मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया है
  • निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार एसआईआर प्रक्रिया में 8.3 प्रतिशत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं
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कोलकाता:

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद मतदाता सूचियों से मतदाताओं के नाम हटाने का उद्देश्य राज्य को विभाजित करना है.राज्य में मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहीं ममता बनर्जी ने इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बीजेपी पर बांग्ला भाषी लोगों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया.

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विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी पर बरसीं ममता

मुख्यमंत्री ने लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा. इससे पहले वह रात में यहीं धरना स्थल पर रुकी थीं. उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर आरोप लगाया, "उनका (निर्वाचन आयोग और भाजपा का) इरादा बंगाल को बांटना है. बीजेपी भाजपा बंगाल को विभाजित करके वोट छीनने की साजिश रच रही है. बीजेपी नेता अन्य राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों को परेशान कर रहे हैं और पश्चिम बंगाल के लोगों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करने की साजिश रच रहे हैं."

ममता ने शुक्रवार को मध्य कोलकाता के मेट्रो चैनल पर प्रदर्शन शुरू किया था, जिसमें उन्होंने निर्वाचन आयोग पर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ‘‘बंगाल के मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने'' के लिए बीजेपी के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया था. इस दौरान उनके साथ प्रदर्शन स्थल पर वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे, जिससे व्यस्त एस्प्लेनेड क्षेत्र एक अस्थायी राजनीतिक शिविर में बदल गया.

PTI फोटो.

PTI फोटो.

वोटर्स को गलत तरीके से मृत घोषित किया जा रहा

शुक्रवार दोपहर को समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रकिया के तहत बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाया जा रहा है. उन्होंने अपने इस आरोप को दोहराया कि कई मतदाताओं को ‘‘गलत तरीके से मृत घोषित कर दिया गया है'' उन्होंने कहा कि वह ऐसे व्यक्तियों को मीडिया और निर्वाचन आयोग के सामने पेश करेंगी ताकि उस बात का पर्दाफाश किया जा सके. ममता ने इसे आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की मदद के लिए मतदाता सूची में हेरफेर करने का प्रयास बताया.

इस दौरान टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्य के मंत्री कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे, जबकि पार्टी समर्थक सुबह से ही प्रदर्शन स्थल पर जमा हो गए थे. यह प्रदर्शन विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में संशोधन को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ के पश्चिम बंगाल दौरे से कुछ दिन पहले हो रहा है.

SIR के बाद से हटाए गए  8.3 % वोटर्स के नाम

निर्वाचन आयोग द्वारा 28 फरवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से लगभग 63.66 लाख लोगों यानी लगभग 8.3 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जिससे मतदाता आधार लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ा अधिक रह गया है. इसके अलावा, 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘‘न्यायिक जांच के अधीन'' श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के माध्यम से उनकी पात्रता निर्धारित की जाएगी.

इनपुट- भाषा
 

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