भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके बेटे व कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे पर सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए कर्नाटक में जमीन की लूट और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है. प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि यह एक-दो मामले नहीं बल्कि कई मामले हैं जिनमें खरगे परिवार ने कथित तौर पर गरीबों की जमीन हड़पी है.भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे और उनके बेटे एक ट्रस्ट के जरिए कर्नाटक में जमीन हड़पने और भ्रष्टाचार में शामिल हैं. इस ट्रस्ट का नाम सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट है. इस ट्रस्ट में मल्लिकार्जुन खरगे, उनके बेटे प्रियांक खरगे, उनके दामाद और उनकी पत्नी शामिल हैं.
भंडारी ने कई बड़े खुलासे करने का किया दावा
भंडारी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के कथित भ्रष्टाचार के एक नहीं बल्कि कई मामले रखूंगा, जिनसे पता चलेगा कि कैसे मल्लिकार्जुन खरगे ने इस ट्रस्ट के जरिए जमीन के अलग-अलग टुकड़ों पर कब्जा किया और अपनी ताकत और रसूख का इस्तेमाल करके गरीबों की जमीन हड़पी और कई जगहों पर जमीन लूटने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि जमीन हड़पने का जो पहला मामला रखना चाहता हूं, वह सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट का है. इसे 2024 में केआईएडी (कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड) ने मंजूरी दी थी, जब कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार थी. इसका मकसद एयरोस्पेस और डिफेंस के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट करना बताया गया था. पांच एकड़ के इस प्लॉट की मार्केट वैल्यू अब 100 करोड़ रुपए है. इसे किसी इंडस्ट्रियल या एयरोस्पेस ट्रस्ट को दिया जाना चाहिए था. इसके बजाय इसे कांग्रेस अध्यक्ष के मालिकाना हक वाले एक प्राइवेट ट्रस्ट को दे दिया गया और इस ट्रस्ट ने कोई रिसर्च और डेवलपमेंट का काम नहीं किया.
राहुल गांधी और वाड्रा परिवार पर भी लगाए आरोप
भाजपा प्रवक्ता भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी और पूरे गांधी-वाड्रा परिवार (जिसमें उनके जीजा रॉबर्ट वाड्रा भी शामिल हैं) पर अलग-अलग इलाकों में जमीन हड़पने के ऐसे ही आरोप और मामले चल रहे हैं. मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए वही तरीका अपनाया जो गांधी-वाड्रा परिवार ने अपनाया था. यह 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' की धारा 131ए और 131बी के तहत एक अपराध है.भाजपा प्रवक्ता ने पूछा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बताना चाहिए कि उनके पास जो ट्रस्ट हैं, उसने ऐसा कौन सा काम किया कि एयरोस्पेस और डिफेंस रिसर्च जमीन आपके प्राइवेट ट्रस्ट को दे दी गई.
कर्नाटक सरकार पर भी बोला हमला
भंडारी ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 19 एकड़ ज़मीन खरगे के प्राइवेट ट्रस्ट को दे दी. इसका मतलब है कि 19 एकड़ सरकारी जमीन एक ऐसे ट्रस्ट की प्राइवेट जमीन बन गई, जिसके सदस्यों में मल्लिकार्जुन खरगे समेत उनके परिवार के लोग शामिल हैं. तो क्या मल्लिकार्जुन खरगे ने गुलबर्गा में ये 19 एकड़ जमीन हथियाने के लिए अपनी ताकत और रसूख का इस्तेमाल किया. कांग्रेस पार्टी को जवाब देना चाहिए कि लैंड का पैसा क्यों लूटा. खरगे पर जमीन लूटने का भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है सामने आकर जवाब देना चाहिए. उन्होंने एक दूसरे मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ दूसरा मामला नहीं है. मैं आपके सामने एक और मामला रखना चाहता हूं. सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट ने बहुत अजीब काम किया. उन्होंने एक फर्जी विक्रेता खड़ा किया. ट्रस्ट जमीन ट्रांसफर करना चाहता था, और वह हमेशा के लिए गुलबर्गा में मल्लिकार्जुन खरगे के प्राइवेट ट्रस्ट के पास चली गई. अभी तक किसी को नहीं पता कि यह विक्रेता कौन है. तो, भ्रष्टाचार के तीसरे तरीके के तौर पर मल्लिकार्जुन खरगे ने एक फर्जी विक्रेता खड़ा किया.
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