महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों और किशोरों की सेहत को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में स्टिंग जैसे हाई-कैफीन एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर रोक लगाने की घोषणा की है. सरकार का मानना है कि इन पेयों का बढ़ता सेवन छात्रों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है. इसके साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी तैयारी की जा रही है.
विधानसभा में उठा था मुद्दा
यह मामला राज्य विधानसभा में भाजपा विधायक विक्रम पचपुते ने उठाया था. उन्होंने कहा कि हाई-कैफीन एनर्जी ड्रिंक्स स्कूलों के बाहर आसानी से उपलब्ध हैं और बड़ी संख्या में बच्चे इनका सेवन कर रहे हैं. उनका तर्क था कि इन उत्पादों की पैकेजिंग पर भी लिखा होता है कि ये बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए उपयुक्त नहीं हैं, इसके बावजूद इनकी बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है. उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल कदम उठाने की मांग की थी.
-
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर पहुंचे PM Modi! | Breaking News -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब -
रील देखने की लत से बचाएगी ये माइक्रो साधना, NDTV World Summit में स्वामी सर्वप्रियानंद ने बताया -
आमिर खान और अमिताभ बच्चन के फैन हैं स्वामी सर्वप्रियानंद, ‘हनुमान अंश’ देखने की जताई इच्छा -
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया इस वक्त कूटनीति पर कौन सी वेब सीरीज देख रहे -
NDTV World Summit 2026 में पहुंचे PM Modi, थोड़ी देर में होगा संबोधन -
कौन सी वेबसीरीज देख रहे विदेश मंत्री S Jaishankar, वर्ल्ड समिट में बताया -
NDTV World Summit | 'भारत और फ्रांस में प्रदर्शनों पर UN का दोहरा रवैया', S Jaishankar का बड़ा बयान -
NDTV World Summit 2026: पाकिस्तान और आतंकवाद के सवाल पर क्या बोले एस. जयशंकर?
सरकार ने क्यों लिया फैसला?
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) मंत्री नरहरी जिरवाल ने सदन में कहा कि अधिक कैफीन वाले एनर्जी ड्रिंक्स का बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसे उत्पाद स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बड़े पैमाने पर बेचे जा रहे हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने स्कूलों के आसपास 500 मीटर के दायरे में इनकी बिक्री रोकने का निर्णय लिया है.
जागरूकता अभियान भी चलाएगी सरकार
सरकार केवल बिक्री पर रोक लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहती. मंत्री जिरवाल ने बताया कि छात्रों और उनके अभिभावकों को एनर्जी ड्रिंक्स के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे. इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि अत्यधिक कैफीन का सेवन स्वास्थ्य के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है.
नशीले पदार्थों और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर भी नजर
विधानसभा में चर्चा के दौरान भाजपा विधायक राहुल कुल ने स्कूलों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री और खाद्य उत्पादों में मिलावट का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि कई बार फ्लेवर्ड पान और अन्य उत्पादों की आड़ में प्रतिबंधित पदार्थ बेचे जाते हैं. साथ ही उन्होंने अत्यधिक चीनी और कृत्रिम रसायनों वाले खाद्य एवं पेय पदार्थों की जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
FDA को दिए सख्त निर्देश
मंत्री नरहरी जिरवाल ने बताया कि एफडीए पहले से ही इस संबंध में जांच कर रहा है. अधिकारियों को स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में दुकानों का निरीक्षण करने, खाद्य नमूनों की जांच कराने और भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. सरकार चाहती है कि बच्चों तक ऐसे उत्पादों की पहुंच को प्रभावी तरीके से रोका जाए.
कानून के तहत कैसे होते हैं रेगुलेट?
सरकार के लिखित जवाब में बताया गया कि 'एनर्जी ड्रिंक्स' शब्द को भले ही फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 में अलग से परिभाषित नहीं किया गया हो, लेकिन इन उत्पादों को 'नॉन-अल्कोहलिक कैफिनेटेड बेवरेज' के रूप में नियमन के दायरे में रखा गया है. इसलिए इनके निर्माण, बिक्री और गुणवत्ता से जुड़े नियम पहले से मौजूद हैं.
नए FDA कमिश्नर की सख्ती का असर
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब तुकाराम मुंडे ने महाराष्ट्र FDA के नए आयुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाली है. मुंडे को सख्त प्रशासनिक अधिकारी माना जाता है. कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान शुरू किया है. हाल ही में मुंबई के कई बड़े होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी और क्लबों के फूड सेफ्टी लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं