महाराष्ट्र में तमाम सरकारी सेवाओं की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं को और ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक सुधारों की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भर्ती परीक्षा प्रणाली में सर्वसमावेशी सुधारों के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने वर्षा निवास पर आयोजित विशेष बैठक में यह निर्देश दिए. बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे. उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए.
हर राजस्व संभाग में छात्रों से सीधा संवाद करेगी समिति
नई उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा करेंगी. समिति में राज्य के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुसंवर्धन विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी और नाशिक विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम शामिल होंगे.
समिति राज्य के हर राजस्व संभाग में जाकर विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों के संचालकों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य संबंधित पक्षों से संवाद करेगी. उनके सुझाव और अनुभव जानने के बाद समिति राज्य के लिए भर्ती परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों को लेकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में राज्य की भर्ती परीक्षाओं के लिए एक समग्र और सर्वसम्मत नीति तैयार की जाएगी.
पेपर लीक पर केंद्र का कड़ा कानून महाराष्ट्र में होगा लागू
बैठक में पेपर लीक और परीक्षा में होने वाले गैरव्यवहार को लेकर भी जरूरी फैसला लिया गया. मुख्यमंत्री फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संसद के हाल ही में बनाए गए पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं से संबंधित केंद्रीय कानून को महाराष्ट्र में लागू करने की प्रक्रिया अगले 15 दिनों के भीतर पूरी की जाए.
महाराष्ट्र में पहले से इस संबंध में अपना कानून मौजूद है. हालांकि, मुख्यमंत्री के अनुसार केंद्र का बनाया गया कानून अधिक कठोर है. इसलिए उसे राज्य में लागू करने की दिशा में तत्काल प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.
राज्य में बनाए जाएंगे 25 हजार सुरक्षित क्लासरूम
भर्ती और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए सुरक्षित परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने पर भी सरकार ने जोर दिया है. मुख्यमंत्री ने राज्य में कम से कम 25 हजार सुरक्षित क्लासरूम तैयार करने के निर्देश दिए हैं. इन सुरक्षित क्लासरूम का इस्तेमाल परीक्षाओं के आयोजन के लिए किया जा सकेगा. सरकार का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ उम्मीदवारों को बेहतर और भरोसेमंद परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराना है.
कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों की भी होगी भूमिका
बैठक में परीक्षा प्रक्रिया के दौरान जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समन्वय भूमिका पर भी चर्चा हुई. परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी और किसी भी संभावित गैरप्रकार को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया.
विदेशों की परीक्षा प्रणालियों का भी होगा अध्ययन
बैठक में तमाम देशों में अपनाई जाने वाली परीक्षा प्रणालियों का अध्ययन करने पर भी चर्चा हुई. अन्य देशों की मौजूदा परीक्षा प्रक्रियाओं, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी उपायों का अध्ययन कर महाराष्ट्र की व्यवस्था में उपयोगी सुधारों को शामिल करने पर विचार किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान परीक्षा प्रणाली में मौजूद संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए व्यावहारिक और दीर्घकालिक उपाय किए जाएं. बैठक में राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
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