- महाराष्ट्र की वायरल घटना के बाद NDTV की टीम संभाजीनगर जिले के उस गांव में पहुंची, जहां के ये लोग रहने वाले थे.
- एनडीटीवी टीम ने उस परिवार के पड़ोसी, स्थानीय पुलिस अधिकारी से बात की.
- हमारी ग्राउंड रिपोर्ट में इस घटना से जुड़े कई और राज सामने आए. जो दिखने में भले छोटे हो लेकिन अहम है.
'तेते पांव पसारिए, जेती लंबी सौर', मतलब पैर उतनी की पसारनी चाहिए जितनी लंबी चादर हो. महाराष्ट्र में आईफोन की किस्त भरने को लेकर हुए विवाद में एक पूरे परिवार की मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वायरल वीडियो को देखकर हर कोई तरह-तरह की बातें कर रहा है. बहुतेरे लोग उस बच्चे को दोषी ठहरा रहे हैं तो कई लोग माता-पिता के प्रति नाराजगी जता रहे हैं. कुछ लोग वीडियो में दिख रहे लोगों पर भी कह रहे हैं कि लोग वीडियो बनाने के बदले बचाने की कोशिश करते तो शायद एक हंसता-खेलता परिवार बर्बाद नहीं होता.
संभाजीनगर और जालना से NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट
लेकिन इस पूरी घटना के बाद NDTV की टीम संभाजीनगर जिले के उस गांव में पहुंची, जहां के ये लोग रहने वाले थे. एनडीटीवी टीम ने उस परिवार के पड़ोसी, स्थानीय पुलिस अधिकारी से बात की. इस बातचीत से पूरे घटनाक्रम की जानकारी सामने आई. साथ ही साथ एक बड़ी सीख भी मिली, जिसका जिक्र हमने इस रिपोर्ट की शुरुआत में की है-'तेते पांव पसारिए, जेती लंबी सौर'

कुछ महीनों से पारिवारिक विवाद, अलग-अलग जिलों में हुआ अंतिम संस्कार
महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले के वालूज इलाके में खवड्या पहाड़ से कूदकर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत मामले में कुछ महीनों से पारिवारिक विवाद की कहानी भी सामने आई. इस मामले में आधिकारिक बयान देने वाला तो कोई नहीं मिला. लेकिन पड़ोसियों ने बताया कि मुरलीधर का उनकी पत्नी संगीता और बेटे कुणाल से कुछ महीनों से विवाद भी चल रहा था. विवाद के कारण पिता अलग गांव में तो मां-बेटे एक दूसरे गांव में रह रहे थे.
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तीनों की दर्दनाक मौत के बाद अंतिम संस्कार भी अलग-अलग जिलों में हुआ. मुरलीधर का अंतिम संस्कार का जालना जिले के उनके पैतृक गांव धनगर पिंपलगांव में हुआ तो मां-बेटे का संभाजीनगर जिले मुकुंदवाडी श्मशान में हुआ. मुकुंदवाडी संगीता का मायका है. जहां संगीता कुछ दिनों से अपने बेटे कुणाल के साथ रहा करती थी. तीनों का दाह-संस्कार बिना मीडिया की जानकारी में आनन-फानन में हुआ.

iPhone की EMI के लिए पिता-बेटे में हुई थी तीखी बहस
हमारी ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान यह जानकारी मिली की कुणाल के iPhone की EMI का पेमेंट बाकी था. जिसे लेकर उसके पिता के साथ उसकी तीखी बहस हुई थी. इसके बाद, कुणाल आत्महत्या करने के इरादे से खवड्या पहाड़ी पर चला गया. पीछे-पीछे उसकी मां संगीता भी तुरंत वहां पहुंची और बेबस होकर उससे पीछे हटने की गुहार लगाने लगी.
पहाड़ की चोटी से बोल रहा था कुणाल- मां मेरी बात कोई नहीं सुनता, अब मुझे नहीं जीना
जवाब में, कुणाल ने अपना iPhone, कलाई घड़ी और चांदी की चेन उतारकर फेंक दी. कुणाल बार-बार अपनी माँ से कहता रहा, "माँ, मेरी बात कोई नहीं सुनता. मुझे जीने में कोई दिलचस्पी नहीं है. मेरी जिंदगी की कोई समस्या हल नहीं हो सकती, अब कुछ भी ठीक नहीं होगा."
जब उसके पिता मुरलीधर उसे बचाने के लिए आगे बढ़े, तो दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे 250 फुट गहरी खदान में गिर गए. इस भयानक मंजर को देखकर संगीता ने भी सिर्फ चार सेकंड के भीतर खदान में छलांग लगा दी और अपनी जान दे दी.

कुणाल की फाइल फोटो.
किराए वाले घर में उनका पालतू कुत्ता अब भी कर रहा इंतजार
बताया गया कि यह परिवार लगभग 4 महीने पहले एकदंत नगर में किराए के मकान में रहने आया था और ज्यादातर लोगों से मेल-जोल नहीं रखता था. परिवार के तीनों सदस्य अपने पालतू कुत्ते से बहुत लगाव रखते थे. कुत्ते को खिड़की से बाहर झांकते और परिवार का इंतजार करते देख स्थानीय लोगों की आँखें भर आईं.
पड़ोसी महादेव ने कहा- पहले भी एक बार पहाड़ी पर गए थे सभी, लौट आए थे
मुरलीधर के साथ काम करने वाले उनके एक पड़ोसी महादेव ने कहा- उस परिवार को मैं बहुत अच्छे से जान रहा था, हम लोग 7-8 साल से एक ही जगह काम कर रहे थे. हम लोग एक परिवार की तरह ही थे. सुबह भी उनसे बात हुई थी. तब मुझे ऐसा कुछ हो जाएगा, इसका अंदाजा नहीं लगा था. पहले भी एक बार ऐसा हुआ था, तब वो लोग वापस चले आए थे.

मुरलीधर के पड़ोसी और साथ काम करने वाले महादेव.
पुलिस अधिकारी रोमेश्वर गाडे ने क्या हुआ था उस दिन?
पुलिस अधिकारी रामेश्वर गाडे ने एनडीटीवी को बताया कि 21 अगस्त पर 112 पर एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि पहाड़ी पर एक परिवार सुसाइड करने आया हुआ है. सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंची. बच्चे को समझाने की कोशिश शुरू की. काफी देर तक समझाने के बाद हमारी टीम ने उसकी आत्महत्या के इरादे को बदल दिया था.
मन परिवर्तन के समय में भी उसके पिता जी अचानक आ गए और उसे बचाने की कोशिश की. तभी बच्चे ने छलांग लगा दी, तब बच्चे के पिता उसका हाथ पकड़े ही थे. वो भी उसके साथ-साथ खाई में गिर गए. उसके तुरंत बाद वहीं रही महिला ने भी छलांग लगा दी. इस तरह से एक दुखदाई घटना में तीनों की मौत हो गई.
'हमारे परिवार की कमाई कितनी, बच्चे को यह समझना चाहिए'
अपने बयान में पुलिस अधिकारी रामेश्वर गाडे ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चे को यह बताना चाहिए कि हमारी औकात कितनी है? पिता कितना कमाते हैं? मां कितना कमाती है, इसकी जानकारी होनी चाहिए. बच्चों को भी यह समझना चाहिए कि जान बार-बार नहीं आती. किसी चीज का हठ ऐसा नहीं करना चाहिए. अगर दोनों ऐसे सोचेंगे तो ऐसी घटना नहीं होगी.

मुरलीधर और उनकी पत्नी संगीता की फाइल फोटो.
बड़े बेटे की बीमारी से मौत के बाद परिवार में अनबन
हमारी ग्राउंड रिपोर्ट में यह जानकारी भी सामने आई कि मुरलीधर और संगीता के 2 बच्चे थे. मुरलीधर एक ट्रक ड्राइवर थे और संगीता गृहिणी. 6 साल पहले उनके बड़े बेटे की बीमारी के कारण मौत हो गई थी. बताया जा रहा है कि तब से इस परिवार में अनबन रहने लगी थी. इसी वजह से मुरलीधर काम के बहाने, लगातार घर से बाहर रहने लगे थे. अभी भी वे 3 महीने से शहर से बाहर थे.
दो दिन पहले मुरलीधर के वापस आने पर शुरू हुआ विवाद
चर्चा है कि दो दिन पहले उनके घर लौटने पर परिवार में फिर से विवाद शुरू हो गया था. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक लड़का कुणाल पिछले साल भी आत्महत्या करने के इरादे से इसी पहाड़ पर आया था! तब एमआईडीसी वालूज और चिकलथाना पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतार लिया था.
संगीता का यूट्यूब चैनल भी, बेटे के साथ पोस्ट करती थी वीडियो
एक साल बाद, वह फिर से उसी पहाड़ पर जा पहुंचा. मृतक माँ, संगीता चांदगुडे सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती थीं. उनका अपना एक यूट्यूब चैनल था जिसके 29 हज़ार सब्सक्राइबर्स हैं. इस पर वे अपने बेटे कुणाल के साथ अक्सर कई वीडियो पोस्ट किया करती थीं. मौत से पहले उन्होंने बिगड़ते रिश्तों पर आखिरी वीडियो भी पोस्ट किया था.
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